योगी ने बुलंदशहर हिंसा को बताया षडयंत्र का हिस्सा, सुमित और प्रत्यूष के परिवारों को 10 लाख मुआवजे का ऐलान

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लखनऊ.मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार देर रात अफसरों के साथ आवास पर बुलंदशहर और लखनऊ में हुईंघटनाअोंकी समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने बुलंदशहर की हिंसामें मारे गए छात्र सुमित औरलखनऊ में भाजपा नेता प्रत्यूष मणि के परिजनों को 10-10 लाख रुपए की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की घोषणा की। साथ ही गोकशी में संलिप्त सभी व्यक्तियों के विरूद्ध कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। सीएम ने कहा-बुलंदशहर की घटना एक बड़े षड्यंत्र का हिस्सा है।

सीएम की नजर में गोकशी प्रदेश में बंद
सीएम ने कहा कि19 मार्च 2017 से सूबे के सभी अवैध स्लॉटर हाउस को बंद कर दिया गया है। यदि कहीं ऐसी अवैध कार्यहो रहा है तो इसकी जिम्मेदारी जिलाधिकारियों औरपुलिस अधीक्षकों की होगी। सीएम ने मुख्य सचिव औरपुलिस महानिदेशक को इस आदेश का कड़ाई से अनुपालन कराने को कहा है। निर्देश दिए कि प्रदेश में एक ऐसा अभियान चलायाजाए, जिससे माहौल खराब करने वाले तत्व बेनकाब हो सकें।

सीएम ने हिंसा मामले में सभी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए। इस मौके पर मुख्य सचिव अनूप चंद्र पांडेय, अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी, प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार, डीजीपी ओम प्रकाश सिंह, एडीजी कानून व्यवस्था आनंद कुमार और डीजी इंटेलीजेंस भवेश कुमार मौजूद थे।

बुलंदशहर हिंसा :अब तक 4 गिरफ्तार, 4 लोगों से हिरासत में पूछताछ

बुलंदशहर हिंसा के मामले में एडीजी लॉ एंड ऑर्डर आनंद कुमार ने कहा कि अभी तक इस मामले में अभी तक 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 4 ही लोगों को हिरासत में लिया गया है। फिलहाल, हालात काबू में हैं। हमारी 6 टीमें अभी छापेमारी कर रही हैं।वीडियो फुटेज, चश्मदीदों के बयान पर ही कार्रवाई की जा रही है। इस मामले की जांच एसआईटी कर रही है।

उन्होंनेबताया कि इस मामले में 27 लोगों को नामजद किया गया है। इन पर 17 धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। गोकशी मामले में शिकायतकर्ता योगेश राज हिंसा का मुख्य आरोपी है। घटना के बाद सेवह फरार बताया जा रहा है। 50-60 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है।

एफआईआर सूची में सुमित का नाम 16वें स्थान पर

मेरठ जोन के एडीजी प्रशांत कुमार ने बताया कि 27 लोगों पर हुई एफआईआर की सूची में सुमित का नाम 16वें स्थान पर है। लेकिन उसकी मौत हो चुकी है। उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो सकती है। भले ही उसका अपराध साबित हो। राज्य सरकार ने जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। एसआईटी को जो निर्णय लेना होगा, वह लेगी। वहीं, सांसद भोला सिंह मंगलवार को मृतक सुमित के घर पहुंचे थे। भारी दबाव के बाद जिला प्रशासन ने सुमित के परिजनों को पांच लाख रुपए की सहायता देने का ऐलान किया है।



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सीएम योगी आदित्यनाथ ने दोषियों पर कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

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