मुंबई. ईएसआई अस्पताल में आग लगने के दौरान खाना पहुंचाने वाले लड़के ने 10 लोगों की जान बचाई। आग अस्पताल की चौथी मंजिल पर लगी थी। इस हादसे में 9 लोगों की जान गई।
सिद्धू हुमानाबडे उस वक्त ईएसआई कामगार अस्पताल के पास से गुजर रहा था, जब यहां आग लगी थी। उसने तुरंत अपनी बाइक वहीं छोड़ दी और फायरमैन से पूछा कि क्या वह लोगों को बचाने के काम में लग सकता है।
फायरमैन ने सिद्धू को बचाव दल में शामिल होने की इजाजत दी। जिसके बाद वह फायर ब्रिगेड की सीढ़ी के जरिए चौथी मंजिल पर पहुंचा और कुछ मरीजों और तीमारदारों को बचाया।
चौथी मंजिल पर काफी धुआं भरा हुआ था। लेकिन, इसके बावजूद सिद्धू 2 घंटे के भीतर 10 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर लाया।
हालांकि, बचाव के दौरान धुआं भर जाने से सिद्धू का स्वास्थ्य बिगड़ गया। उसे सेवन हिल्स अस्पताल में भर्ती किया गया है।
सिद्धू ने बताया कि जब उसने मदद के लिए लोगों की पुकार सुनी तो वह खुद को रोक नहीं पाया। उसने कहा- शुक्र है कि फायरमैन ने मुझे लोगों को बचाने की इजाजत दी। मैंने इमारत का शीशा कुल्हाड़ी से तोड़ दिया था और उसके बाद चौथी मंजिल पर पहुंचा।
उसने कहा कि बचाव के दौरान मेरे हाथ से एक मरीज फिसल भी गई थी। लेकिन, शुक्र है कि वह सुरक्षित है। सिद्धू खाना डिलिवरी करने का काम करता है। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार राज्यमंत्री संतोष गंगवार ने सिद्धू से मुलाकात की और उसका हालचाल जाना।
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