नई दिल्ली. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मंगलवार को संकेत दिए कि सभी वस्तुएं और सेवाएं जीएसटी केएक ही टैक्स स्लैब में आ सकती हैं। उन्होंने कहा किभविष्य में 12 और 18 फीसदी के बीच में एक नया स्टैंडर्ड टैक्स स्लैब बनाया जा सकता है। जेटली ने अपनी फेसबुक पोस्ट में लिखा कि जल्द ही 28% टैक्स स्लैब से कुछ लग्जरी सामान और सिन आइटम्स (गुटका, सिगरेट और तंबाकू)को छोड़कर बाकी वस्तुएं बाहर की जाएगी।
22 दिसंबर कोजीएसटी काउंसिल की बैठक में 23 वस्तुओं ओर सेवाओं पर टैक्स घटाने का फैसला लिया गया था। बैठक के बाद जेटली ने बताया था कि अब 28% स्लैब में केवल 28 वस्तुएं हैं। इसमें32 इंच तक के मॉनिटर और टीवी स्क्रीन, रीसोल किए गए पुराने या न्यूमेटिक टायर, लीथियम आयन बैट्री वाले पावर बैंक, डिजिटल कैमरा, वीडियो कैमरा रिकॉर्डर, वीडियो गेम कंसोल समेत कई वस्तुओं पर टैक्स घटाने का फैसला किया गया।
'सीमेंट और ऑटो पार्ट्स28% टैक्स स्लैब में'
जेटली ने लिखा, "आम आदमी के इस्तेमाल में आने वाले सीमेंट और ऑटो पार्ट्स भी 28 फीसदी टैक्स स्लैब में बच गए हैं। सरकार की प्राथमिकता सीमेंट पर टैक्स कम करने की है। दूसरे सभी बिल्डिंग मैटेरियल पहले ही 28 से 18 या 12 के टैक्स स्लैब में आ हो चुके हैं।''
भारत में दुनिया का सबसे बुरा टैक्स सिस्टम था
जेटली ने लिखा, भारत में दुनिया का सबसे बुरा टैक्स सिस्टम था। राज्य और केंद्र सरकार दोनों ही भारी-भरकम टैक्स लगाते थे। पिछले समय में 17 ऐसे टैक्स लगते थे। टैक्स के रेट भी काफी अधिक थे। वैट और एक्साइज का स्टैंडर्ड रेट 14.5 और 12.5 फीसदी था। इस तरह अधिकतर वस्तुओं पर टैक्स 31 फीसदी हो जाता था।
डेढ़ साल में 198वस्तुएं 28% टैक्स स्लैब से बाहर
1 जुलाई 2017 से जीएसटी लागू हुआ तो 28% टैक्स स्लैब में 226 वस्तुएं थीं। डेढ़ साल में इनमें से 198वस्तुओं पर टैक्स कम किया गया है। अभी 28% जीएसटी स्लैब में 28 वस्तुएं हैं। इनमें सीमेंट के अलावा वाहन, ऑटोमोबाइल पार्ट्स, याट, एयरक्राफ्ट, कोल्ड ड्रिंक्स, तंबाकू, सिगरेट और पान मसाला जैसी वस्तुएं शामिल हैं।
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