भोपाल/जयपुर/रायपुर.पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजे आज आ जाएंगे। वोटिंग के बाद आए एक्जिट पोल्स में सबसे रोचक मुकाबला मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में है। पांचों राज्यों की मुख्यमंत्रियों का क्या होता इस पर सभी की नजर होगी। अशोक गहलोत, सचिन पायलट जैसे कांग्रेस नेताओं की सीटों पर भी नजर रहेगी। तेलंगाना में अकबरुद्दीन ओवैसी का जीतते हैं या हारते हैं ये भी रोचक रहेगा। वहीं, छत्तीसगढ़ में कांग्रेस छोड़कर अपनी पार्टी बनाने वाले अजीत जोगी की साख भी दांव पर है। जोगी के साथ उनकी पत्नी और बहू भी चुनाव मैदान में हैं।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज बुधनी सीट से चुनाव लड़ा। कांग्रेस ने उनके खिलाफ पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव को उतारा। अरुण के पिता सुभाष यादव दिग्विजय सरकार में डिप्टी सीएम थे। खुद अरुण खंडवा से सांसद रह चुके हैं। शिवराज बुधनी से पिछले 13 साल से विधायक। 2013 में शिवराज ने कांग्रेस के डॉक्टर महेंद्र सिंह चौहान को हराया था।
राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने झालरापाटन सीट से चुनाव लड़ा। कांग्रेस ने अटल सरकार में मंत्री रहे जसवंत सिंह के बेटे मानवेंद्र को उतारा। मानवेंद्र चुनाव से ऐन पहले भाजपा से कांग्रेस में आए। वसुंधरा विरोध के कारण वो भाजपा में हाशिए पर थे। मानवेंद्र 2013 में जैसलमेर की शिव सीट से विधानसभा चुनाव जीते थे।राजे ने 2013 मेंझालरापाटन से कांग्रेस की मीनाक्षी चंद्रावत को हराया था।
रमन सिंह राजनांदगांव से चुनाव लड़ रहे हैं। वे दिसंबर 2003 से राज्य के मुख्यमंत्री हैं। अगर भाजपा इसबार भी चुनाव जीतती हैै तो वे चौथी बार राज्य के मुख्यमंत्री होंगे। उनके खिलाफ इस बार कांग्रेस ने अटलजी की भतीजी करुणा शुक्ला को उतारा है। मुख्यमंत्री रमन सिंह के लिए 15 साल में सबसे कड़ा मुकाबला है। रमन सिंह ने राजनांदगांव से जीत हासिल की थी।
अजमेर से सांसद और यूपीए सरकार में केंद्रीय मंत्री रहे। 2014 लोकसभा चुनावों में वे हार गए थे। मौजूदा वक्त में राजस्थान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हैं। अगर इस बार कांग्रेस सत्ता में आती है तो उन्हें मुख्यमंत्री पद उम्मीदवार माना जा रहा है। वे टोंक विधानसभा सीट से चुनाव लड़े हैं। उनके खिलाफ भाजपा ने राज्य सरकार में मंत्री यूनुस खान को उतारा है।
अशोक गहलोत इस बार फिर सरदारपुर विधानसभा से मैदान में हैं। गहलोत 1998 और 2008 में राजस्थान के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। इससे पहले वे यूपीए सरकार में केंद्रीय मंत्री भी रहे। कांग्रेस महासचिव अशोक गहलोत एक बार फिर कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री पद के दावेदार हैं। वे 2013 में सरदारपुर विधानसभा से चुनाव जीते थे।
मध्यप्रदेश की चुरहट विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। सिंह पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह के बेटे हैं। निवर्तमान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भी हैं। अजय सिंह 2013 में भी चुरहट से विधायक चुने गए थे।
छत्तीसगढ़ कांग्रेस के अध्यक्ष हैं। प्रदेश के चर्चित सीडी कांड में नाम है। इस मामले में जेल में भी गए। कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री पद के दावेदार हैं। भूपेश पाटन सीट से मैदान पर हैं। 2013 में वे इसी सीट से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे थे।
छत्तीसगढ़ की अंबिकापुर सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। निवर्तमान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं। राज्य के सबसे अमीर उम्मीदवार हैं। 500 करोड़ से अधिक की सपंत्ति के मालिक हैं। सिंह देव 2008 से अंबिकापुर विधानसभा सीट से विधायक हैं। कांग्रेस की ओर से वे मुख्यमंत्री पद के दावेदार भी माने जा रहे हैं।
टीआरएस प्रमुख और तेलंगाना के वर्तमान मुख्यमंत्री हैं। 2014 में अलग राज्य बनने के बाद पहली बार हुए चुनावों में उनकी पार्टी पूर्ण बहुमत से सत्ता में आई। यहां लोकसभा के साथ विधानसभा चुनाव होने थे। लेकिन राव ने समय से पहले ही विधानसभा भंग कर दी। राव गजवेल विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।
एआईएमआईएम के प्रमुख असद्दुद्दीन ओवैसी के भाई हैं। चंद्रयान गुट्टा से चुनाव लड़ रहे हैं। इस सीट से अकबरुद्दीन 1999, 2004, 2009 और 2014 में विधायक चुने गए। इस बार भाजपा ने उनके खिलाफ एबीवीपी नेता सैयद शहजादी (25) को टिकट दिया।
पु लल थनहवला 1987 में मिजोरम राज्य बनने के बाद से तीन बार मुख्यमंत्री से मुख्यमंत्री हैं। वे लगातार 10 साल से राज्य की सत्ता संभाल रहे हैं। कांग्रेस ने एक बार फिर उन्हीं को राज्य की कमान सौंपी है। वे इस बार शेरचिप्प और चम्फाई सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।
छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री रहे हैं। जोगी ने नवंबर 2000 से दिसंबर 2003 तक राज्य की कमान संभाली। 2016 में उन्होंने कांग्रेस से अलग होकर नई पार्टी बनाई। जोगी की पार्टी ने छत्तीसगढ़ में बसपा के साथ गठबंधन किया है। जोगी मरवाही सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। 2013 में उनके बेटे अमित जोगी इसी सीट से जीतकर विधानसभा पहुंचे थे।
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