न्यूयॉर्क. फेसबुक ने अपने यूजर्स का जितना डेटा दूसरी कंपनियों के साथ साझा करने की बात मानी है, वास्तव में वह उससे कहीं ज्यादा सूचनाएं उन्हें देती रही है। फेसबुक ने अपने यूजर्स का डेटा 150 से ज्यादा कंपनियों को दिया है। अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स ने मंगलवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट में यह दावा किया।
रिपोर्ट के मुताबिक फेसबुक ने नेटफ्लिक्स और स्पॉटिफाई को यूजर्स के निजी मैसेज पढ़ने की इजाजत दी। माइक्रोसॉफ्ट का सर्च इंजन बिंग बिना यूजर की अनुमति के उसके फ्रेंड्स के नाम देख सकता था। अमेजन को भी इसने बिना यूजर की अनुमति के कॉन्टेक्ट डिटेल्स दीं। ऑनलाइन रिटेलर, एंटरटेनमेंट, ऑटोमोबाइल कंपनियों और मीडिया संगठनों के साथ भी इसने डेटा शेयर किया है।
रिपोर्ट के मुताबिक एपल उन फेसबुक यूजर्स के कॉन्टेक्ट नंबर और दूसरी जानकारियां देख सकती थी, जिन्होंने शेयरिंग बंद करने के लिए अपने अकाउंट सेटिंग में बदलाव किए थे। इस बीच अमेरिका के 32 संगठनों ने सीईओ मार्क जकरबर्ग और सीओओ शेरिल सैंडबर्ग को फेसबुक बोर्ड से हटाने की मांग की है।
फेसबुक का कहना है कि वह 2010 से अपनी पॉलिसी में शेयरिंग डील की जानकारी देती आ रही है। हालांकि, पॉलिसी की भाषा से यह पता नहीं चलता कि यह किस कंपनी के साथ कौन सा डेटा साझा कर रही है। कंपनी के कुछ पूर्व कर्मचारियों ने बताया कि जिन यूजर्स ने अपना डेटा साझा करने की अनुमति नहीं दी है, उनकी जानकारियां भी फेसबुक दूसरी कंपनियों को दे रही है।
2004 में बनी फेसबुक डेटा शेयरिंग के लिए कंपनियों के साथ 2010 से समझौते कर रही है। कुछ समझौते इस साल भी प्रभावी थे। फेसबुक ने मार्च 2019 में ब्रिटिश कंसल्टेंसी फर्म कैंब्रिज एनालिटिका को 8.7 करोड़ यूजर्स का डेटा लीक होने की बात मानी थी। कैंब्रिज एनालिटिका ने इन सूचनाओं का इस्तेमाल 2016 में अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव के प्रचार के दौरान किया था।
फेसबुक ने 2012 में अमेरिका के फेडरल ट्रेड कमीशन (एफटीसी) के साथ समझौता किया था। इसके मुताबिक कंपनी यूजर की सहमति के बिना उसका डेटा साझा नहीं कर सकती है। फेसबुक ने कहा है कि नेटफ्लिक्स और स्पॉटिफाई समेत सभी कंपनियों को यूजर्स का डाटा उनकी सहमति से ही मिला है। इसलिए यह एफटीसी के साथ समझौते का उल्लंघन नहीं है।
सीईओ मार्क जकरबर्ग ने अप्रैल में अमेरिकी सांसदों के सामने कहा था कि फेसबुक पर यूजर जो भी जानकारी देते हैं, उस पर पूरी तरह उन्हीं का नियंत्रण रहता है। डेटा लीक की बात स्वीकार करते हुए उन्होंने यह भी कहा था कि प्राइवेसी की सुरक्षा के लिए सख्त कदम उठाए गए हैं।
दुनियाभर में फेसबुक के करीब 227 करोड़ यूजर हैं। इनमें 10% यानी 22 करोड़ भारत में हैं। इनके डेटा के आधार पर कंपनियों ने अपने प्रोडक्ट को आकर्षक बनाया। दूसरी कंपनियों को सूचनाएं देने के बदले फेसबुक ने भी उनसे अपने यूजर्स के बारे में जानकारियां हासिल कीं।
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