मुंबई. वित्त वर्ष 2017-18 (अप्रैल 2017-मार्च 2018) में 41,167.7 करोड़ रुपए के बैंक फ्रॉड हुए। यह साल 2016-17 के 23,933 करोड़ रुपए से 72% ज्यादा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आरबीआई ने ये आंकड़े जारी किए हैं। हालांकि, फ्रॉड की रकम में ज्यादा इजाफा पीएनबी घोटाले की वजह से हुआ। फरवरी के पहले हफ्ते में 13,700 करोड़ रुपए के पीएनबी घोटाले का खुलासा हुआ था।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आरबीआई का कहना है कि 2017-18 में बैंक घोटालों की रकम में इजाफा ज्वेलरी सेक्टर के मामलों की वजह से हुआ। पिछले 4 साल में बैंक फ्रॉड की रकम बढ़कर चार गुना बढ़ गई है। साल 2013-14 में यह राशि 10,170 करोड़ रुपए थी।
वित्त वर्ष 2017-18 में बैंक फ्रॉड के 80% मामले 50 करोड़ रुपए या इससे ज्यादा की रकम के थे। एक लाख रुपए से ज्यादा की धोखाधड़ी के 93% मामले सरकारी बैंकों के थे। प्राइवेट बैंकों के ऐसे सिर्फ 6% मामले सामने आए।
वित्त वर्ष 2017-18 में बैंक धोखाधड़ी के कुल 5,917 मामले सामने आए। साल 2016-17 में ऐसे मामलों की संख्या 5,076 थी। इनमें विदेशी फॉरेन एक्सचेंज से जुड़े ट्रांजेक्शन, बैलेंस शीट में हेर-फेर और साइबर फ्रॉड के केस ज्यादा थे।
साल 2017-18 में साइबर फ्रॉड के 2,059 मामलों में बैंकों को 109.6 करोड़ रुपए गंवाने पड़े। 2016-17 में 1,372 मामलों में 42.3 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ था।
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