22 साल बाद कल से जम्मू-कश्मीर में लग सकता है राष्ट्रपति शासन

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नेशनल डेस्क. जम्मू-कश्मीर में22 साल बाद 19 दिसंबर को एक बार फिर से राष्ट्रपति शासन लागू होने जा रहा है। राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने केंद्र सरकार से राज्यपाल शासन के 6 माह पूरे हो जाने के बाद राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश की है। इस सिफारिश पर मंत्रिमंडल की मुहर लगने के बाद उसे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के पास भेजा जाएगा, जो एक घोषणा जारी करेंगे। विधानसभा में 25 सदस्यों वाली भाजपा द्वारा समर्थन वापसी के बाद जून में महबूबा मुफ्ती सरकार अल्पमत में आने के बाद गिर गई थी। बता दें कि इससे पहले 1989 से अक्टूबर 1996 तक जम्मू कश्मीर में राष्ट्रपति शासन रहा था।

- राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद अनुच्छेद 370 के तहत एक आदेश जारी कर जम्मू कश्मीर विधायिका की सभी शक्तियों और अधिकारों का प्रयोग खुद या राष्ट्रपति के अधीन या संसद के अधीन करने का एलान करेंगे।

पहले कब लगा था राष्ट्रपति शासन : इससे पहले 1989 से 1996 तक 6 सालों के लिए जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रपति शासन लगा था। तब मुख्यमंत्री डॉ फारुक अब्दुल्ला ने तत्कालीन वीपी सिंह सरकार द्वारा राज्य के नए राज्यपाल के रूप में जगमोहन की नियुक्ति के बाद 1989 में इस्तीफा दे दिया था। राष्ट्रपति शासन खत्म हुआ तो फिर से फारूक अब्दुल्ला की सरकार बनी।

जम्मू-कश्मीर में कब और किसकी बनी सरकार :

#1957-1977: पहले दो चुनावों में नेशनल कॉन्फ्रेंस तो तीसरे और चौथे में कांग्रेस जीती
- पहली बार 1957 में चुनाव। नेशनल कॉन्फ्रेंस को 75 में 68 सीट मिली। बख्शी गुलाम मो. वजीर-ए-आजम बने। 62 में भी नेशनल कॉन्फ्रेंस जीती।
- 1967-72 में कांग्रेस जीती। 1975 में इंदिरा का नेशनल कॉन्फ्रेंस के शेख अब्दुल्ला से करार हुआ। कांग्रेस के मीर कासिम ने अब्दुल्ला के लिए कुर्सी छोड़ दी।

#1977-1982: कांग्रेस ने अब्दुल्ला सरकार गिराई पहली बार राज्यपाल शासन लगा
- 1977 में कांग्रेस ने समर्थन वापस लेकर अब्दुल्ला सरकार गिराई। पहली बार राज्यपाल शासन लगा।
- 1977 के चुनावों में नेशनल कॉन्फ्रेंस जीती और शेख अब्दुल्ला दोबारा मुख्यमंत्री बनाए गए।
- 1982 में शेख अब्दुल्ला के निधन पर बेटे फारूक अब्दुल्ला सीएम बने। कांग्रेस की मदद से अब्दुल्ला के बहनोई गुलाम शाह ने सरकार गिरा दी। शाह दो साल सीएम रहे। 6 मार्च, 1986 से 7 नवंबर, 1986 तक राष्ट्रपति शासन रहा।

#1986-2002: राज्य में साल 1990 से 1996 तक सबसे लंबा राज्यपाल शासन रहा
- 1986 में हुए चुनावों में फिर नेशनल कॉन्फ्रेंस जीती और फारूख सीएम बने। 1990 में जगमोहन को राज्यपाल बनाने के विरोध में इस्तीफा दे दिया। 1996 तक राज्यपाल शासन रहा।
- 1996 के चुनाव में फिर नेशनल कॉन्फ्रेंस को सफलता मिली। फारूख तीसरी बार सीएम बने।

#2002-2018: गठबंधन सरकारों का दौर शुरू, चार बार राज्यपाल शासन लगा
- 2002 चुनाव में कांग्रेस-पीडीपी की सरकार बनी। मुफ्ती सईद सीएम बने। 3 साल के बाद कांग्रेस के गुलाम नबी आजाद सीएम बने। पीडीपी ने सरकार गिरा दी।
- 2008 में हुए चुनावों में किसी भी दल को बहुमत नहीं मिला। नेकां-कांग्रेस की सरकार बनी। उमर अब्दुल्ला सीएम बने।
- 2014 में चुनाव हुए। 2015 में भाजपा-पीडीपी में गठबंधन। पीडीपी के मुफ्ती सईद फिर सीएम बने। उनके निधन के बाद महबूबा राज्य की पहली महिला सीएम बनी।



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