भोपाल. कमलनाथ ने सोमवार कोमध्यप्रदेश के 18वें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने दोपहर 2:30 बजे उन्हें शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस के अलावा 10 अन्य दलों के नेता मौजूद रहे। वहीं, 4 पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, बाबूलाल गौर, दिग्विजय सिंह और कैलाश जोशी भी मंच पर मौजूद थे। कमलनाथ ने सीएम बनने के 2 घंटे बादकिसानों की कर्जमाफी की फाइल पर दस्तखत किए।
खुशी के साथ मुझे चिंता और बेचैनी भी: कमलनाथ
कमलनाथ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हमने किसानों का कर्ज माफ कर दिया।कन्या विवाह योजना की सहयोग राशि बढ़ा दी है। इसे 28 हजार से बढ़ाकर 51 हजार रुपएकर दिया गया है।हम चार गारमेंट पार्क बनाएंगे। जनता को स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार कैसे दे पाएंगे, इस पर तेजी से काम करना है। बहुत सारी योजनाएं ऐसी हैं, जिनका डिलिवरी सिस्टम खराब है और लोगों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। खुशी एक तरफ है सीएम बनने की, लेकिन पहले दिन से ही बहुत काम है। मुझे बेचैनी और चिंता भी है कि हम किस तरह से मध्यप्रदेश के लोगों की आशाओं पर खरा उतरेंगे।
दो लाख रुपए तक का कर्ज माफ
कमलनाथ सरकार के पहले फैसले के तहत उन किसानों को कर्जमाफी का फायदा मिलेगा, जिन्होंने राज्य में स्थित सहकारी या राष्ट्रीयकृत बैंकों से शॉर्ट टर्म लोन लिया है। ऐसे किसानों का 31 मार्च 2018 की स्थिति के अनुसार 2 लाख रुपए तक का कर्ज माफ होगा। इसका फायदा राज्य के 21 लाख किसानों को मिल सकता है। वहीं, राज्य सरकार के खजाने पर 15 हजार करोड़ रुपए का भार आ सकता है। वैसे 30 सितंबर 2018 की स्थिति के मुताबिक राज्य के 40 लाख किसानों का 57 हजार करोड़ रुपए का कृषि ऋण बकाया है।
Bhopal: Madhya Pradesh Chief Minister Kamal Nath signs on the files for farm loan waiver pic.twitter.com/NspxMA8Z6i
— ANI (@ANI) December 17, 2018
एक जगह हो गया, दो में बाकी: राहुल
राहुल ने ट्वीट किया- मध्यप्रदेश के सीएम ने किसानों का कर्ज माफ कर दिया। एक जगह हो गया, दो जगह बाकी है।
CM, Madhya Pradesh, waives farm loans.
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) December 17, 2018
1 done.
2 to go.
कमलनाथ-सिंधिया ने थामाशिवराज का हाथ
शपथ ग्रहण से पहलेकमलनाथ और ज्योतिरादित्यसिंधिया ने शिवराज का हाथ थामा। इससे पहलेशिवराज और दिग्विजय सिंहने कैलाश जोशी के पैर छुए। शिवराज ने राकांपा प्रमुख शरद पवार और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेताफारुक अब्दुल्ला से भी हाथ मिलाया।
#WATCH Madhya Pradesh: Former CM Shivraj Singh Chouhan, Jyotiraditya Scindia and Kamal Nath at Nath's swearing-in ceremony in Bhopal. pic.twitter.com/KrTz5RB5JT
— ANI (@ANI) December 17, 2018
शपथ ग्रहण में दिखीमहागठबंधन की ताकत
- राकांपा : शरद पवार, प्रफुल्ल पटेल
- तेदेपा : चंद्रबाबू नायडू
- लोजद : शरद यादव
- नेशनल कॉन्फ्रेंस: फारुक अब्दुल्ला
- झारखंड मुक्ति मोर्चा : हेमंत सोरेन
- द्रमुक : स्टालिन, कनिमोझी और टीआर बालू
- तृणमूल कांग्रेस: दिनेश त्रिवेदी
- जेडीएस: पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा, कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमार स्वामी
- राजद : तेजस्वी यादव
- झारखंड विकास मोर्चा : बाबूलाल मरांडी
भोपाल के जंबूरी मैदान में मुख्यमंत्री शपथ ग्रहण समारोह। https://t.co/vwv7sJfhEr
— CMO Madhya Pradesh (@CMMadhyaPradesh) December 17, 2018
राजस्थान में शपथ लेने के बादगहलोत-पायलट भी भोपाल पहुंचे
राजस्थान के नए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, उप-मुख्यमंत्री सचिन पायलट भी जयपुर में शपथ लेने के बाद कांग्रेस के अन्य नेताओं के साथ भोपाल पहुंचे। कमलनाथ के शपथ ग्रहण मेंकांग्रेसअध्यक्ष राहुल गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह,लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, राजीव शुक्ला, कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, मंत्री डी शिवकुमार, पुडुचेरी के मुख्यमंत्री नारायणसामी, आनंद शर्मा, राज बब्बर, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र हुड्डा, उनके बेटे और सांसद दीपेंदर हुड्डा, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह, पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव, कांतिलाल भूरिया, पंजाब में मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू, विवेक तन्खा मौजूद थे।
भाजपा की मांग-कांग्रेस से निष्कासित होंकमलनाथ
इस बीच सिख विरोधी दंगों पर दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के बाद भाजपा ने कमलनाथ को मुख्यमंत्री बनाए जाने पर ऐतराज जताया है। अदालत ने कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा, ''राहुल गांधी को कांग्रेस अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। सिख विरोधी दंगों की जांच के लिए गठित नानावटी आयोग को सौंपी गई रिपोर्ट के हलफनामे और सबूतों में कमलनाथ का नाम सामने आया। एक ऐसा शख्स जो कि सिख विरोधी दंगों में शामिल था, उसे मध्यप्रदेश का मुख्यमंत्री चुना गया है। राहुल गांधी को निश्चित तौर पर उन्हें पार्टी से निष्कासित करना चाहिए।''
जेटली ने कहा-सज्जन कुमार सिख विरोधी दंगों के प्रतीक
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा, ''दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत करते हैं। सज्जन कुमार सिख विरोधी दंगों के प्रतीक बन गए थे। 1984 में दिल्ली और दूसरे इलाकों में सिखों की हत्या की गई। यह फैसला पीड़ितों को राहत देने वाला है। कांग्रेस नेता ने दंगा भड़काने वालों का नेतृत्व किया था। जांच आयोग के अध्यक्ष रहे जज को बाद में कांग्रेस ने राज्यसभा सदस्य बना दिया। उन्होंने कहा था कि सरकार की कोई जिम्मेदारी नहीं है। जांच के लिए कमेटी ने जब भी किसी कांग्रेस नेता की ओर इशारा किया, उसे हटा दिया गया। इस तरह से कांग्रेस ने लोगों के साथ अन्याय किया। इस मामले में एक और नेता (कमलनाथ) का नाम आया था, कांग्रेस उन्हें आज मुख्यमंत्री पद की शपथ दिला रही है।''
भाजपा के आरोपों पर कमलनाथ का जवाब
कमलनाथ ने मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस कहा, ''मैंने 1991 से बाद से कई बार शपथ ली। तब किसी ने कुछ नहीं कहा। मेरे खिलाफ कोई मामला, कोई एफआईआर, कोई चार्जशीट नहीं है। आज वे यह मामला उठा रहे हैं। आप समझ सकते हैं कि उनका मकसद राजनीतिक है। क्या किसी चश्मदीद ने मेरे बारे में बयान दिया है?''
मंत्रिमंडल में ऐसे हो सकता है क्षेत्रीय संतुलन
कमलनाथ मंत्रिमंडल के गठन में वरिष्ठता, क्षेत्रीय संतुलन और जातिगत समीकरण का ध्यान रखा जा सकता है। उप मुख्यमंत्री को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। 20 से ज्यादा विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने पर मंथन चल रहा है।
- मालवा-निमाड़ : सज्जन सिंह वर्मा, हुकुमसिंह कराड़ा, विजय लक्ष्मी साधौ, बाला बच्चन, तुलसी सिलावट, उमंग सिंघार, जीतू पटवारी, सचिन यादव, राज्यवर्द्धन सिंह दत्तीगांव, दिलीप सिंह गुर्जर या रामलाल मालवीय।
- महाकौशल : एनपी प्रजापति, तरुण भानौत, दीपक सक्सेना, लखन घनघोरिया, ओमकार सिंह मरकाम, सुखदेव पांसे, हिना कावरे।
- ग्वालियर-चंबल : डॉ. गोविंद सिंह, केपी सिंह, एंदल सिंह कंसाना, लाखन सिंह, प्रद्युमन सिंह, इमरती देवी।
- मध्य : आरिफ अकील, डॉ. प्रभुराम चौधरी, पीसी शर्मा, लक्ष्मण सिंह या जयवर्द्धन सिंह।
- बुंदेलखंड : ब्रजेंद्र सिंह राठौर, गोविंद सिंह राजपूत, हर्ष यादव, विक्रम सिंह।
- विंध्य : बिसाहू लाल, कमलेश्वर पटेल।
- निर्दलीय : चार बार के विधायक प्रदीप जायसवाल और सुरेंद्र सिंह उर्फ शेरा।
- विधानसभा अध्यक्ष : डॉ. गोविंद सिंह, केपी सिंह, डॉ. विजय लक्ष्मी साधौ, एनपी प्रजापति में किसी एक को विधानसभा अध्यक्ष बनाया जा सकता है।
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