नई दिल्ली. भारत में मोबाइल यूजर्स के फोन पर सबसे ज्यादा गैर-जरूरी (स्पैम) कॉल टेलीकॉम कंपनियों केआतेहैं। 100 में से 91 स्पैम कॉल इन्हीं के होते हैं। स्पेन दूसरे नंबर पर है जहां 46% स्पैम कॉल टेलीकॉम कंपनियां करती हैं। फोन नंबर पहचानने वाले ऐप ट्रूकॉलर ने मंगलवार को जारी रिपोर्ट में यह जानकारी दी।
धोखेबाजों के फोन के मामले में कनाडा अव्वल है। वहां यूजर्स को 69% स्पैम कॉल धोखेबाज ही करते हैं। दक्षिण अफ्रीका 49% के साथ दूसरे नंबर पर है।
ट्रूकॉलर ने जनवरी से अक्टूबर तक सबसे ज्यादा स्पैम कॉल वाले 20 देशों की सूची जारी की है। इसमें भारत दूसरे नंबर पर है। यहां लोगों को हर महीने औसतन 22.3 स्पैम कॉल आईं। पिछले साल 22.6 कॉल के साथ भारत टॉप पर था।
इस साल सबसे ज्यादा 37.5 स्पैम कॉल ब्राजील के लोगों के पास आईं। 2017 में दुनियाभर में यूजर्स के फोन पर 550 करोड़ स्पैम कॉल की गईं। इस साल यह 222% बढ़कर 1,770 करोड़ हो गई। ट्रूकॉलर ऐप पर यूजर्स ने जिन कॉल्स को स्पैम सेलेक्ट किया, उसी के आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की गई है।
हर महीने स्पैम कॉल वाले टॉप 10 देशों में अमेरिका भी है। हालांकि, वहां स्पैम कॉल की संख्या में कमी आई है। वहां स्पैम कॉल की औसत संख्या पिछले साल के 20.7 से घटकर इस साल 16.9 रह गई। अमेरिका पिछले साल दूसरे नंबर पर था, इस बार आठवें पर है।
कोस्टारिका में स्पैम कॉल में सबसे ज्यादा 330% बढ़ोतरी हुई। इस मामले में दूसरे नंबर पर स्पेन है जहां मासिक स्पैम कॉल की संख्या 100% बढ़ी हैं। ब्राजील कुल संख्या में भले शीर्ष पर हो, लेकिन वहां टेलीकॉम कंपनियों ने सिर्फ 32% स्पैम कॉल कीं।
भारत में पिछले साल 3% कॉल फ्रॉड करने वालों के थे। इस साल इनकी संख्या दोगुनी से ज्यादा 7% हो गई है। कनाडा में इनकी संख्या 67% बढ़ी है। फ्रॉड करने वालों ने कॉल के जरिए दुनियाभर में लोगों को करीब 65,000 करोड़ रुपए का चूना लगाया। अमेरिका में हर 10 में से एक व्यक्ति धोखेबाजों की कॉल के झांसे में आ गया। इन लोगों को औसतन 25,000 रुपए का नुकसान हुआ।
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