बीहट (बेगूसराय). हनुमानजी को दलित बताने के बयान पर विवाद होने के बाद अब कथावाचक मोरारी बापू ने भी नाराजगी जताई है। मंगलवार को सिमरिया स्थित रामकथा-साहित्य महाकुंभ के दौरान उन्होंने बिना किसी का नाम लिए कहा- "कुछ लोग हनुमानजी की जाति खोजने निकल गए हैं, यह बंद होना चाहिए।"उन्होंने कहा कि हनुमान प्राण वायु हैं। कौन माई का लाल हनुमान को जाति-पाति में बांट सकेगा।
मोरारी बापू नेकहा- "आज पूरे देश में जाति-पाति कीचर्चा की जा रही हैं। इसे बंद करना चाहिए। इस तरह के विवाद से हिंदुस्तान का नुकसान हो रहा है। हम जोड़ने की बात करते हैं और आप तोड़ने की।"
उन्होंने कहा कि इस प्रकार की बयानबाजी का नुकसान देश को शताब्दी तक होता है। इस राज को क्या जाने साहिल के तमाशाई, हमें डूब कर जाना है सागर तेरी गहराई। जाति न पूछो साधु की, पूछ लीजिये ज्ञान, मोल करो तलवार का, पड़ा रहन दो म्यान।
बापू ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा- युवाजन, खासकर आप वॉट्सएप और फेसबुक पर अपना बहुमूल्य समय व्यर्थ न जाया करें। ये फेसबुक और वॉट्सएप कचरे का डिब्बा है। इन दिनों सुबह आंख खुलते ही युवा मोबाइल पर अपनी उंगली चलाना शुरू करते हैं और कूड़ा-कचरा अपने दिमाग में जमा करते हैं।
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