स्पोर्ट्स डेस्क: टीम इंडिया के ऑल राउंडर रवींद्र जडेजा 30 साल के हो गए हैं। कभी साधारण लाइफ जीने वाले जडेजा आज क्रिकेट सेलिब्रिटी बन हैं। जडेजा का जन्म गुजरात की एक छोटी सी जगह नवागाम में हुआ। उनके पिता एक प्राइवेट कंपनी में सिक्युरिटी गार्ड थे, जबकि मां नर्स थीं। आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण जडेजा और उनकी फैमिली के लिए क्रिकेटर बनने तक का सफर आसान नहीं रहा।
मुश्किलों में बीता बचपन
- जडेजा की मां चाहती थीं कि बेटा क्रिकेटर बने। जबिक, पिता उन्हें डिफेंस में भेजना चाहते थे। जडेजा भी मां का सपना पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे थे।
- अचानक 2005 में एक एक्सीडेंट में उनकी मां का निधन हो गया। इससे जडेजा इतने टूट गए थे कि क्रिकेट छोड़ने तक का मन बना लिया था।
- हालांकि, बहनों के कहने पर वो खेल में लौटे और आज टीम इंडिया के स्टार ऑलराउंडर हैं। जडेजा की 2 बहने हैं। एक उनका रेस्टोरेंट का बिजनेस संभालती हैं।
रखते हैं दो ऑडी कार
- जडेजा के कार कलेक्शन में दो ऑडी कार हैं। 2016 में उन्हें उनके ससुर ने ऑडी Q7 गिफ्ट की थी। इसकी कीमत करीब 97 लाख रुपए है। इससे पहले से जडेजा के पास ऑडी Q3 कार थी। कार के अलावा उन्हें घोड़ों का भी शौक है। जडेजा के फॉर्म हाउस में कई शानदार घोड़े हैं।
ऐसा शुरू हुआ क्रिकेट करियर
- जडेजा को 2002 में पहली बार सौराष्ट्र की अंडर-14 टीम में खेलने का मौका मिला। महाराष्ट्र के खिलाफ पहले ही मैच में उन्होंने 87 रन बनाए और 4 विकेट भी झटक लिए। 15 साल की उम्र में ही वो सौराष्ट्र की अंडर-19 टीम में आ गए थे। इसी फॉर्मेट में उन्होंने अपने करियर की पहली सेन्चुरी भी लगाई थी।
विराट के साथ खेला वर्ल्ड कप
- दिसंबर, 2005 में उन्होंने कई अच्छी परफॉर्मेंस के बाद वर्ल्ड कप अंडर-19 टीम में जगह बना ली। यहां जडेजा ने पहले ऑस्ट्रेलिया (चार विकेट) और फिर पाकिस्तान (तीन विकेट) के खिलाफ जबरदस्त परफॉर्मेंस दी।
- 2008 में भी जडेजा अंडर-19 वर्ल्ड कप टीम के मेंबर थे, जिसके कप्तान विराट कोहली थे। ये टीम वर्ल्ड कप चैम्पियन रही थी। टूर्नामेंट में जडेजा ने 10 विकेट लिए थे।
- फरवरी, 2009 में उन्हें टीम इंडिया के लिए वनडे और फिर टी20 खेलने का मौका मिला। जडेजा ने 2012 में टेस्ट डेब्यू किया।
- जडेजा को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ फिलहाल टेस्ट टीम जगह नहीं मिली है, लेकिन हाल ही में खत्म हुई विंडीज के खिलाफ घरेलू सीरीज और एशिया कप में गेंद और बल्ले दोनों से जडेजा ने शानदार परफॉर्म किया था। जडेजा इसके अलावा आईपीएल के भी एक कीमती प्लेयर हैं।
कैसे मिली 'सर रवींद्र जडेजा' की उपाधी
2012 में जडेजा दुनिया के आठवें और पहले ऐसे भारतीय क्रिकेटर बने जिसने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में तीन ट्रिपल सेंचुरी ठोकी। ऐसा सर डॉन ब्रैडमैन, ब्रायन लारा, बिल पॉन्सफर्ड, वॉल्टर हैमंड, डब्ल्यूजी ग्रेस, ग्रीम हिक और माइक हसी कर चुके हैं। उस समय जडेजा की उम्र महज 23 वर्ष थी। इसके बाद ही उन्हें 'सर रवींद्र जडेजा' कहा जाने लगा, हालांकि यह उपाधि उन्हें मजाक में दी गई।
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