अहमदाबाद. यहां एक पुलिसचौकी पर रेमंड कंपनी की ओर से की गई ब्रांडिंग पुलिसकर्मियों के लिए सिरदर्द बन गई है। चौकी में शिकायत लेकर पहुंच रहे फरियादियों के साथ ही शॉपिंग करने वाले भी पहुंच रहे हैं। इसका कारण यह है कि इसे कंपनी ने इतने करीने से सजाया है कि यह पुलिस चौकी कम बल्कि शोरूम ज्यादा नजर आता है।
शहर के सीजी रोड की इस चौकी को कंपनी ने व्हिसल यानी सीटी के आकार में तैयार किया है। इसके बाहर 'रेमंड शो रूम' लिखा है। यही नहीं, शीशे की दीवारे बनाई गई है, जो बिल्कुल शोरूम का लुक देती है।
बुधवार को एक दंपती ट्रैफिक चौकी को शोरूम समझकर कपड़ा खरीदने के लिए अंदर घुस गया। अंदर न तो कपड़े के गट्ठर थे और न ही कोई सेल्स एग्जीक्यूटिव। वहां बैठे एक पुलिस सब इंस्पेक्टर को दुकानदार समझकर दंपती ने कहा-'भाई साहब! अच्छा सा कपड़ा दिखाओ...।' दंपती की आवाज सुन पुलिस सब इंस्पेक्टर जेडआई शेख पहले तो चौंके, पर तुरंत ही मजाकिया लहजे में जवाब दिए-'काका, नई-नई दुकान खुली है, अभी तो माल आना बाकी है।'
इसके बाद दंपती ने तपाक से कहा-ठीक है, सूट का ही एक कपड़ा दिखा दो। पुलिस सब इंस्पेक्टर ने बाहर आते हुए कहा-'काका, ये कपड़े की दुकान नहीं, ट्रैफिक पुलिस चौकी है।' इसके बाद दंपती ने कहा-साहब! आपकी पुलिस चौकी तो कांच की है, ऊपर से उस पर रेमंड शो रूम लिखा है, बाहर से भी सजाया है, लोग तो कपड़े की दुकान ही समझेंगे।'
इंस्पेक्टर ने शॉप शब्द हटाया तो डीसीपी ने फिर से लगवाए
पुलिस सब इंस्पेक्टर जेडआई शेख ने कुछ दिन पहले रेमंड द्वारा बनाई गई पुलिस चौकी पर लिखे द रेमंड शॉप से शॉप शब्द निकलवा दिया था। वे इस पर सौजन्य: द रेमंड लिखाना चाहते थे। लेकिन डीसीपी ने उनको फटकार लगवाते हुए दोबारा शॉप लिखवा दिया।
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