जब सबरीमाला पर जल्द फैसला आ सकता है तो राम जन्मभूमि क्यों अटका है: कानून मंत्री

http://bit.ly/2QPHdKV

नई दिल्ली. केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने सुप्रीम कोर्ट से राम जन्मभूमि मामले की सुनवाई फास्ट ट्रेक कोर्ट की तरह करने की मांग की। उन्होंने कहा कि जब सबरीमाला मामले में ऐसा हो सकता है, तो सालों से अटके इस मामले में क्यों नहीं? रविशंकर प्रसाद मंगलवार को अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद की 15वीं नेशनल कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे।

  1. उन्होंने कहा कि मैं कानून मंत्री के नाते नहीं, बल्कि एक आम नागरिक के तौर पर सुप्रीम कोर्ट से मामले पर जल्द फैसला देने की अपील करता हूं। कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एम.आर. शाह, इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस गोविन्द माथुर और जस्टिस ए.आर. मसूदी भी मौजूद थे।

  2. रविशंकर प्रसाद ने कहा, "इस मामले में इतने सबूत हैं कि अच्छी बात हो सकती है। लेकिनलोगमेरे पास आते हैं और पूछते हैं कि समलैंगिकता पर 6 महीने में, सबरीमाला पर 5-6 महीने में, अर्बन नक्सल पर 2 महीने में फैसला हो जाता है। हमारे रामलला का विवाद 70 सालों से कोर्ट में अटका है। 10 साल से सुप्रीम कोर्ट के पास है, इसमें सुनवाई क्यों नहीं होती।''

  3. कानून मंत्री ने कहा , ''हम बाबर को क्यों पूजें, उसकी इबादत नहीं होनी चाहिए।'' उन्होंनेसंविधान की प्रति को दिखाते हुए कहा कि इसमें राम, कृष्ण और अकबर का भी जिक्र है, लेकिन बाबर का नहीं।उन्होंने कहा कि भारत में इस तरह की बात कर दो तो नया विवाद खड़ा हो जाता है।

  4. सुप्रीम कोर्टअयोध्या में राम जन्मभूमि और बाबरी मस्जिद विवाद पर 4 जनवरी को सुनवाई करेगा। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता में 3 जजों की बेंच इस मामले में सुनवाई करेगी। सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर में इस मामले से जुड़ी याचिकाओं पर जल्द सुनवाई से इनकार कर दिया था।



    1. Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
      SC must fast-track hearing in Ayodhya title suit: Ravi shankar Prasad

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ