लंदन. उत्तरी इंग्लैंड के मिडलबरो में रहने वाले भारतीय मूल के मितेश पटेल (37) को कोर्ट ने पत्नी जेसिका (34) की हत्या का दोषी ठहराया। जेसिका इसी साल मई में अपने घर में मृत पाई गई थीं। सुनवाई पिछले महीने शुरू हुई थी और मंगलवार को कोर्ट ने फैसला सुनाया। मितेश अपने बॉयफ्रेंड के साथ रहना चाहता था। समलैंगिकों के एक डेटिंग ऐप ग्राइंडर से मितेश की बॉयफ्रेंड से मुलाकात हुई थी।
पेशे से फार्मासिस्ट रहीं जेसिका के शरीर पर गहरे घाव पाए गए थे। बाद में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। मितेश ने मारे जाने से इनकार कर रहा था। जस्टिस जेम्स गॉस ने उम्रकैद को जरूरी बताया।
कोर्ट ने कहा कि दोषी ने 20 लाख पाउंड का जीवन बीमा का पैसा हासिल करने के लिए क्लेम किया था। वह ऑस्ट्रेलिया में प्रेमी डॉ. अमित पटेल के साथ रहने जाने वाला था।
कोर्ट ने बताया कि मितेश ने पत्नी को धोखा दिया। वह ग्राइंडर ऐप के जरिए एक समलैंगिक पुरुष से मिला। महीनों पहले की इंटरनेट सर्चिंग से पता चला कि मितेश ने पत्नी को मारने के लिए कई तरह की साजिश की थी।
मितेश ने लिखा था- "मैं अपनी पत्नी को मारना चाहता हूं। क्या इंसुलिन की ज्यादा खुराक दी जा सकती है? क्या मुझे एक अन्य साजिशकर्ता की जरूरत है? यूके में एक जान से मारने वाला चाहिए। किसी को मारने के लिए कितने मीथाडोन की जरूरत पड़ती है।''
मितेश ने डॉ. अमित को जुलाई 2015 में लिखा था- पत्नी के गिनती के दिन बचे हैं। मितेश लगातार अपने निर्दोष होने का दावा करता रहा। उसका कहना था कि जब वह घर लौटा थो सामान बिखरा पड़ा था और पत्नी की कलाई बंधी हुई थी।
प्रॉसिक्यूटर ने सबूत पेश किए कि मितेश ने खुद ही जेसिका को इंसुलिन का इंजेक्शन देने के बाद बांध दिया था। बाद में उसे एक सुपरमार्केट बैग में डाल दिया, जहां उसकी दम घुटने से मौत हो गई।
जेसिका के परिवारवालों ने कहा- उसके बहुत साधारण से सपने थे। जिस आदमी का हमने अपने परिवार में स्वागत किया, जिसने पत्नी की देखरेख का वादा किया था, उसी ने धोखा दिया और जेसिका की जिंदगी खत्म कर दी।
कोर्ट को बताया गया कि मितेश रोज अपने बॉयफ्रेंड से ग्राइंडर ऐप पर बात करता था। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले डॉ. अमित को मितेश प्रिंस नाम से बुलाता था। मितेश पत्नी की दवा दुकान के कर्मचारियों के सामने भी अमित से बात करता था।
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