नई दिल्ली. केंद्र सरकार चीन से आने वाले पोस्टल गिफ्ट की संख्या तय कर सकती है। घरेलू कंपनियों ने चीन की ई-कॉमर्स कंपनियों की ओर से भारत आने वाले ऐसे कन्साइनमेंट की संख्या बढ़ने पर चिंता जताई है। एक अधिकारी ने सोमवार को बताया, 'वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अधिकारियों की हाल में हुई बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा हुई है। हमने प्रति व्यक्ति द्वारा एक साल में अधिकतम चार ऐसे पोस्टल गिफ्ट स्वीकार करने की अनुमति देने का सुझाव दिया है। हमने जरूरी दवाओं को इस सीमा के दायरे से बाहर रखा है। इस पर अंतिम फैसला कस्टम विभाग को करना है।'
चीन की ई-कॉमर्स कंपनियों पर भारतीय कानून के उल्लंघन का आरोप
हाल में यह मामला स्वदेशी जागरण मंच (एसजेएम) ने उठाया था। इसका दावा है कि चीन की ई-कॉमर्स कंपनियों को भारतीय यूजर्स से रोजाना 2 लाख से ज्यादा ऑर्डर मिल रहे हैं। वो कूरियर-पोस्टल गिफ्ट्स के जरिए अपने प्रोडक्ट्स की भारत में डिलीवरी कर रही हैं। ऐसा कर वह पेमेंट गेटवे, कस्टम ड्यूटी और जीएसटी से जुड़े भारतीय कानूनों का उल्लंघन कर टैक्स की चोरी भी कर रही हैं। इससे घरेलू माइक्रो, छोटे और मध्यम आकार के उद्योग (एमएसएमई) क्षेत्र पर बुरा असर पड़ रहा है।
एसजेएम के राष्ट्रीय संयोजक अश्विनी महाजन के मुताबिक शीइन, अलीएक्सप्रेस और क्लब फैक्ट्री जैसी चीन की ई-कॉमर्स कंपनियां भारत के फॉरेन ट्रेड (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) एक्ट का गलत फायदा उठा रही हैं। इस कानून के तहत विदेश से भारत में लोगों को 5,000 रुपए कीमत तक के तोहफे भेजने पर कस्टम और अन्य शुल्क नहीं लगते हैं। जीएसटी भी नहीं देना पड़ता है। एसजेएम का कहना है कि चीन का पोस्टल विभाग अपने यहां के छोटे उद्योग को बढ़ावा देने के लिए भारत में भेजे जा रहे प्रोडक्ट्स पर भारी छूट दे रहा है। ताकि उनकी डिलीवरी लागत कम से कम आए।
भारत में रजिस्टर्ड नहीं हैं वेबसाइट्स
चीन की ये ई-कॉमर्स कंपनियां भारत में व्यापार इकाइयों की श्रेणी में रजिस्टर्ड नहीं हैं। इसलिए शिकायत दर्ज कराने और सामान को रिटर्न करने की प्रक्रिया काफी जटिल है। एसजेएम ने आशंका जताई है कि चीन की ये ई-कॉमर्स कंपनियां भारत में खतरनाक, प्रतिबंधित, असुरक्षित और घटिया क्वालिटी का माल पहुंचा रही हैं।
कस्टम ड्यूटी लगाने की मांग
- चीन से भारत आने वाले ऐसे सभी प्रोडक्ट्स पर कस्टम ड्यूटी लगाई जाए।
- ऐसा नहीं होने तक इन पोस्टल गिफ्ट के शिपमेंट को प्रतिबंधित कर दिया जाए।
- भारत में अनरजिस्टर्ड चीनी कंपनियों के एप डाउनलोड पर रोक लगे।
- इनके पेमेंट गेटवे को बंद कर दिया जाए। ताकि ऐसे लेनदेन पर रोक लग सके।
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