नई दिल्ली. केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षाबल (सीआईएसएफ) और केंद्रीय रिजर्व पुलिसबल (सीआरपीएफ) में महिलाओं का प्रतिनिधित्व कम से कम 15% तक करने का लक्ष्य जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। लोकसभा में यह बात गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू ने कही। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि सीमा सुरक्षाबल (बीएसएफ), भारत-तिब्बत बॉर्डर पुलिस (आईटीबीपी) और सशस्त्र सीमाबल (एसएसबी) में यह लक्ष्य कम से कम 5% हो।
रिजिजू प्रश्नकाल के दौरान राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की सुप्रिया सुले के सवाल का जवाब दे रहे थे। केंद्रीय सुरक्षाबलों की तैनाती और आत्महत्या के मामलों से जुड़े सवाल पर मंत्री ने कहा कि तैनाती जरूरत के मुताबिक होती है और मुश्किल भरे इलाकों में तैनाती के बाद जवानों की बुनियादी जरूरतों का पूरा ख्याल रखा जाता है। उन्होंने दावा किया कि सुरक्षा बलों में संतुष्टि का भाव बढ़ा है।
रिजिजू ने कहा कि सरकार ने 5 जनवरी 2016 को सीआरपीएफ और सीआईएसएफ में कॉन्स्टेबल स्तर पर महिलाओं की 33% भर्ती सुनिश्चित करने का फैसला किया था। सीमा की सुरक्षा में तैनात बल जैसे- बीएसएफ, एसएसबी और आईटीबीपी में 14-15 फीसदी से इसकी शुरुआत की गई थी।
तीनों सेनाओं में से वायु सेना में महिलाओं की संख्या सबसे ज्यादा 13% है। नौसेना में यह आंकड़ा 6% और सबसे कम थल सेना में महज 3.8% है। रक्षा राज्य मंत्री सुभाष भामरे ने राज्यसभा में सोमवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सशस्त्र बलों में मेडिकल सर्विस में 21.63% और डेंटल सर्विस में 20.75% महिलाएं हैं।
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