25 करोड़ रु तक के कर्ज वाले डिफॉल्टर एमएसएमई के लोन रिस्ट्रक्चरिंग की इजाजत

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मुंबई. आरबीआई ने सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्योगों (एमएसएमई) के 25 करोड़ रुपए तक के लोन की रिस्ट्रक्चरिंग की इजाजत दे दी है। रिजर्व बैंक ने मंगलवार को कहा कि जिन कंपनियों ने लोन चुकाने में डिफॉल्ट किया लेकिन, उनका कर्ज स्टैंडर्ड असेट्स के तौर पर बना हुआ है उन्हें यह सुविधा मिलेगी।

  1. रिजर्व बैंक के फैसले से उन छोटे और मध्यम कारोबारियों को राहत मिलेगी जिन्हें नोटबंदी और जीएसटी लागू होने के बाद दिक्कतें हुईं। 19 नवंबर की बैठक में आरबीआई बोर्ड ने एमएसएमई के कर्ज की रिस्ट्रक्चरिंग की योजना पर विचार करने की सलाह दी थी। इस पर फैसला लेते हुए आरबीआई ने एक बार रिस्ट्रक्चरिंग की इजाजत दी है।

  2. रिस्ट्रक्चरिंग का फायदा उन उद्योगों को मिलेगा जिन पर मंगलवार तक 25 करोड़ रुपए से ज्यादा का कर्ज नहीं था। कर्ज रीस्ट्रक्चरिंग 31 मार्च 2020 तकलागू की जाएगी।

  3. एमएसएमई के कर्ज की रिस्ट्रक्चरिंग आरबीआई और सरकार के बीच विवाद का बड़ा मुद्दा था। आरबीआई बोर्ड की 19 नवंबर को हुई बैठक में वित्तीय मामलों के सचिव राजीव कुमार ने एमएमएमई सेक्टर की दिक्कतों के बारे में विस्तार से बताया था।



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      Reserve Bank of India Relief to MSME sector: Allows one time restructuring of Loans of debt upto Rs 25 Crores

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