नेशनल डेस्क। क्रिकेट को उसका "कोहिनूर" देने वाले रमाकांत आचरेकर का निधन हो चुका है। वह 87 वर्ष के थे, काफी वक्त से बीमार थे। किसी व्यक्ति के जीवन में शिक्षक की अहमियत क्या होती है ये सचिन तेंदुलकर से बेहतर कौन जानता है। सचिन तेंदुलकर ने दो साल पहले अपने कोच रमाकांत आचरेकर से जुड़ा एक किस्सा सबके साथ शेयर किया था।
सचिन ने बताया पूरा किस्सा
सचिन ने खुद बताया कि उन्हें प्रैक्टिस मैच खेलने जाना था जो रामाकांत आचरेकर सर ने अरेंज किया था। लेकिन वो मैच खेलने नहीं गए और अपने स्कूल की सीनियर टीम को चियर करने वानखेडे स्टेडियम पहुंच गए। वो मैच का आनंद ले रहे थे।
आचरेकर ने पूछा, आज तुमने कितने रन बनाए मैच में?
खेल के बाद सचिन ने आचरेकर सर को देखा तो उन्हें नमस्ते किया। सचिन ने कहा, सर हमारी सीनियर टीम यहां खेल रही थी तो मैं यहां उनके लिए चीयर करने आया हूं। ये सुनते ही आचरेकर सर ने सबके सामने उन्हें डांटा। आचरेकर ने सचिन से कहा, तुम्हें दूसरों के लिए ताली बजाने की जरूरत नहीं है. तुम अपने क्रिकेट पर ध्यान दो. ऐसा कुछ हासिल करो कि दूसरे तुम्हारे लिए ताली बजाएं. सचिन के लिए यह बहुत बड़ा सबक था, इसके बाद इस महान बल्लेबाज ने कभी भी मैच मिस नहीं किया।
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