लखनऊ. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को कहा कि लोकसभा चुनावों में मायावती के साथ सीटों के बंटवारे का ऐलान अगले हफ्ते में हो जाएगा। हालांकि, सपा-बसपा के गठबंधन में कांग्रेस शामिल होगी या नहीं इस पर उन्होंने कोई साफ जवाब नहीं दिया।
सपा और बसपा ने अगले लोकसभा चुनावों में भाजपा के खिलाफ गठबंधन करने का फैसला किया। माना जा रहा है कि दोनों पार्टियां 37-37 सीटों पर चुनाव लड़ सकती हैं। इसे लेकर बसपा सुप्रीमों मायावती और अखिलेश के बीच बैठक भी हो चुकी है। गठबंधन में छोटी पार्टियों को जगह दी जाएगी।
अखिलेश ने कहा, बसपा के साथ गठबंधन के बारे में एक हफ्ते में पता चल जाएगा, जब इसकी अधिकारिक घोषणा की जाएगी। कांग्रेस के गठबंधन का हिस्सा होने को लेकर अखिलेश ने कहा, इस पर गठबंधन के दोनों नेता (वे और मायावती) फैसला करेंगे। हाल ही में मध्यप्रदेश में सपा विधायक को कमलनाथ मंत्रिमंडल में शामिल न करने के कांग्रेस के फैसले पर अखिलेश ने नाराजगी जताई थी।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अजीत सिंह के राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) को तीन सीटें दी जा सकती हैं। ऐसा कहा जा रहा है कि दोनों दल राज्य की 80 लोकसभा सीटों में छह सीटें सहयोगी दलों को दी जाएंगी।
गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में बसपा ने सपा उम्मीदवार को वोट देने की अपील की थी। कैराना लोकसभा उपचुनाव में रालोद उम्मीदवार को सपा-बसपा और कांग्रेस ने समर्थन दिया। तीनों जगहों पर भाजपा को हार मिली।
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सपा-बसपा-रालोद के बीच गठबंधन हो सकता है। अगर विपक्षी साथ आते हैं तो 2014 की स्थिति के हिसाब से भाजपा को 53 सीटों का नुकसान हो सकता है।
पार्टी 2014 में सीटें 2019 में सपा-बसपा-कांग्रेस-रालोद साथ लड़े तो कांग्रेस अलग लड़ी तो भाजपा+ 73 20 25 सपा 05 60 53 बसपा 00 कांग्रेस 02 02
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