मुंबई.भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह ने अपनी सहयोगी शिवसेना का नाम लिए बिना वॉर्निंग दी। शाह ने कहा कि अगर गठबंधन हुआ तो पार्टी अपनेपूर्व सहयोगियों की जीत सुनिश्चित करेगी। यदि ऐसा नहीं हुआ तो पार्टी आगामी लोकसभा चुनाव में अपने पूर्व सहयोगियों को हराएगी। शाह ने यह बात मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस के उस बयान के बाद कही, जिसमें उन्होंने कहा था कि भाजपा कार्यकर्ताओं को राज्य की 48 सीटों में से 40 सीटें जीतने का लक्ष्य बनाना चाहिए।
उधर शिवसेना ने भी भाजपा पर हमला बोला है। शिवसेना ने कहा कि उसे जो भी चुनौती देगा, उसका सामना करने को वह तैयार है। भाजपा 40 सीटें जीतना चाहती है। इसका मतलब है कि वह ईवीएम में छेड़छाड़ कर सकती है। उसे ईवीएम पर ज्यादा भरोसा है।
शाह ने कहा- कार्यकर्ताओं को गठबंधन के बारे में नहीं सोचना चाहिए
- "कार्यकर्ताओं को गठबंधन (शिवसेना के साथ) की संभावनाओं को लेकर उपजे भ्रम से छुटकारा पाना चाहिए। अगर सहयोगी हमारे साथ आते हैं, तो हम उनकी जीत सुनिश्चित करेंगे, या फिर उन्हें भी हरा देंगे।"
- "कार्यकर्ताओं को हर बूथ पर अभी से तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। इस बार चुनौती ज्यादा है। हमें सिर्फ तैयारी पर फोकस करना चाहिए।"
- "लोकसभा चुनाव में पार्टी को इतनी बड़ी जीत मिलनी चाहिए, जिसे देखकर विरोधियों को हार्टअटैक आ जाए।"
- "भाजपाके 11 करोड़ सदस्य हैं और यही पार्टी की सबसे बड़ी ताकत है। हर बूथ को जीतना होगा और इसी के दम पर हम सभी को हरा सकते हैं।"
शाह के बयान ने भाजपा की सोच सामने ला दी
शिवसेना ने कहा कि चुनाव के पहले गठबंधन पर भाजपाअध्यक्ष के बयान से साफ है कि उन्हें हिंदुत्व में विश्वास रखने वाले लोगों के साथ काम करने में ज्यादा रुचि नहीं है।शाह के इस बयान ने उनकी और पार्टी की सोच सामने ला दी है। पांच राज्यों के परिणाम से साफ है कि देश के लोगों नेउनको उनकी जगह दिखाना शुरू कर दियाहै। कम से कम 40 सीटों पर जीते के दावे ने साफ कर दिया है कि वह ईवीएम से गठबंधन करने जा रहे हैं।
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