नई दिल्ली. नकदी संकट से जूझ रही जेट एयरवेज ने बैंकों का कर्ज चुकाने में डिफॉल्ट किया है। एयरलाइन ने मंगलवार को रेग्युलेटरी फाइलिंग में ये जानकारी दी। इसके मुताबिक 31 दिसंबर 2018 को बैंकों के लोन की किश्त और ब्याज का भुगतान करना था लेकिन, पैसे का इंतजाम नहीं हो पाया।
जेट एयरवेज पिछले कुछ महीनों से स्टाफ की सैलरी भी समय पर नहीं दे पा रही है। न्यूज एजेंसी के मुताबिक पायलट और इंजीनियरों समेत सीनियर स्टाफ की सैलरी का दो महीने से ज्यादा का बैकलॉग चल रहा है।
जेट एयरवेज को पिछली तीन तिमाही में लगातार घाटा हुआ है। जुलाई-सितंबर में इसे 1261 करोड़ रु का नुकसान हुआ। अप्रैल-जून में 1,323 करोड़ रुपए और जनवरी-मार्च में 1,036 करोड़ रुपए का घाटा हुआ था। ईंधन समेत दूसरे खर्च बढ़ने की वजह से एयरलाइंस दबाव में है। 30 सितंबर तक एयरलाइन पर 8,052 रुपए का कर्ज था।
न्यूज एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक जेट एयरवेज स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) से 1,500 करोड़ रुपए का लोन लेने की कोशिश में जुटी है। वर्किंग कैपिटल की जरूरतें पूरी करने और कुछ बकाया चुकाने के लिए यह शॉर्ट टर्म लोन लिया जाएगा। जेट में 24% हिस्सेदारी रखने वाली एतिहाद एयरलाइन लोन के लिए गारंटर हो सकती है।
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