बेंगलुरु. कर्नाटक के जल संसाधन और स्वास्थ्य शिक्षा मंत्री को अपने बयान के चलते चौतरफा नाराजगी का सामना करना पड़ा। मंत्री डीके शिवकुमार ने चेन्नई के हॉस्पिटल में सिद्धगंगा मठ के 111 साल के शिवकुमार स्वामी का इलाज कर रहे डॉक्टर को धर्म को लेकर कमेंट कर दिया था। उन्होंने डॉक्टर के धर्म की ओर इशारा करते हुए जाति और धर्म की राजनीति न करने की नसीहत दी थी। पर उसका ये बयान उल्टा पड़ गया और हर तरफ से नाराजगी के बाद उन्हें माफी मांगनी पड़ी।
धर्म को लेकर किया था कमेंट
- विधानसभा के शीतकालीन सत्र में शामिल होने के लिए बेलागावी के संब्रा एयरपोर्ट पहुंचे मंत्री ने कहा था कि शिवकुमार स्वामी तेजी से स्वस्थ हो रहे हैं और इस बात से वो बेहद खुश हैं।
- उन्होंने कहा कि ये सब सिर्फ एक मुस्लिम डॉक्टर मोहम्मद रेला की कोशिशों और उनकी एक्सपर्टीज के चलते संभव हो सका है। ऐसे में हम सभी को एक बात हमेशा ध्यान में रखनी चाहिए कि जाति और धर्म के नाम पर राजनीति करने का कोई फायदा नहीं है।
- ऐसा माना जा रहा है कि मंत्री ने ऐसा कहकर अल्पसंख्यक समुदाय को खुश करने की कोशिश की थी लेकिन उनका दांव उल्टा पड़ गया और हर तरफ से नाराजगी के बाद उन्हें माफी मांगनी पड़ी।
बयान का हुआ विरोध
- मंत्री डीके शिवकुमार के बयान ने मठ के अन्य स्वामियों के साथ ही भाजपा नेताओं को नाराज कर दिया है। इन लोगों ने मंत्री पर धर्म के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाया है।
- स्वामी सिद्धलिंगा ने कहा कि डॉक्टर और टीचर जैसे महान प्रोफेशन में कोई जाति नहीं होती। ऐसे में मंत्री का बयान बेहद गलत है। हमारे यहां डॉक्टर को भगवान का दर्जा देते हैं। उनके लिए जाति और संप्रदाय मायने नहीं रखता है।
- भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बीएस येदियुरप्पा और पूर्व डिप्टी सीएम आर अशोक ने भी स्वास्थ्य मंत्री पर धर्म के नाम पर राजनीति करने का कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ मंत्री होने के नाते उन्हें इस स्तर तक नहीं जाना चाहिए।
मंत्री ने मांगी माफी
- मठ और नेताओं के इस विरोध के बाद मंत्री शिवकुमार ने माफी मांग ली है। उन्होंने कहा कि अगर मेरे बयान से मठ से जुड़े लोगों या फिर किसी और की भावनाएं आहत हुई हैं तो मैं इसके लिए माफी मांगता हूं।
- उन्होंने कहा कि स्वामी का हालचाल लेने के लिए जब मैं शनिवार को अस्पताल गया था तो डॉक्टर के समर्पण को देखकर बहुत प्रभावित हुआ और इसीलिए मैंने ऐसी बात कही।
दिया जाता है भगवान का दर्जा
- डॉ शिवकुमार स्वामी कर्नाटक के तुमकुर के सिद्धगंगा मठ के प्रमुख संत हैं। लिंगायत समुदाय का ये मठ 300 साल पुराना है। स्वामी जी को लिंगायत समुदाय के लोग भगवान का दर्जा देते हैं। उनके समर्थक महास्वामी जी की उम्र 111 साल बताते हैं।
- लिंगायत समुदाय को कर्नाटक की राजनीति में काफी प्रभावशाली माना जाता है। कहा जाता है कि लिंगायतों के वोट किसी भी चुनाव का परिणाम निर्धारित करते हैं।
- भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के अध्यक्ष अमित शाह ने शिवकुमार स्वामी को भगवान बताया था। नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी भी इनके आगे मत्था टेक चुके हैं।
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