नई दिल्ली.घरेलू यात्रियों की संख्या बढ़ने से अगले 20 साल में भारतीय हवाई कंपनियों को 2300 विमानों की जरूर होगी। इसमें 32 हजार करोड़ डॉलर (22.40 लाख करोड़ रुपए) की लागत आ सकती है। एयरक्राफ्ट निर्माता कंपनी बोइंग ने बुधवार को यह अनुमान जताया। इससे पहले बोइंग ने अगस्त में 2100 विमानों की जरूरतों की बात कही थी।
बोइंग के मुताबिक, हवाई क्षेत्र में 2018 से 2037 के बीच भारत की जरूरतों को पूरा करने के लिए 85% यानी 1940 नैरो बॉडी और 15% यानी 350 वाइड बॉडी के विमानों की जरूरत पड़ेगी।
कंपनी के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (एशिया पैसिफिक एंड इंडिया सेल्स) दिनेश केसकर ने कहा कि भारत में विमानन क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है। हालांकि, एक्सचेंज रेट, ईंधन की कीमतें और किराए को देखते हुए यह चुनौतियों से भरा है। यात्रियों की संख्या के मुकाबले कंपनियों की कमाई में इजाफा नहीं हो रहा है।
उन्होंने कहा कि इस साल भारत में 10 लाख यात्रियों ने औसतन हर महीने हवाई सफर किया। यात्रियों की संख्या में हो रही वृद्धि के लिए भारतीय हवाई कंपनियों को ज्यादा सीटें और कम कीमत वाले विमान चाहिए।
बोइंग के मुताबिक, कम बजट और ईंधन की बचत को देखते हुए 737 मैक्स विमान भारतीय कंपनियों के लिए बेहतर विकल्प हो सकता है। भारतीय कंपनियों के लिए कम ईंधन खर्च करने वाले विमान तैयार किए जा रहे हैं।
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