नई दिल्ली.अयोध्या में राम जन्मभूमि और बाबरी मस्जिद विवाद पर 4 जनवरी को सुनवाई करेगा। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता में 3 जजों की बेंच इस मामले में सुनवाई करेगी। उधर, केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा- भाजपा का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट को मामले की रोज सुनवाई करनी चाहिए, ताकि जल्द फैसला आ सके।
सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर में इस मामले से जुड़ी याचिकाओं पर जल्द सुनवाई से इनकार कर दिया था। अदालत ने कहा था इस मामले में जनवरी से सुनवाई शुरू करना तय किया जा चुका है। अभी कोर्ट की प्राथमिकता में और भी मामले हैं।
14 से ज्यादा याचिकाओं पर सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट
इलाहाबाद हाई कोर्ट की तीन सदस्यीय पीठ ने 30 सितंबर 2010 को 2.77 एकड़ जमीन को तीन पक्षों सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा और राम लला में बराबर-बराबर बांटने का फैसला सुनाया था। इस फैसले के खिलाफ 14 से ज्यादा याचिकाएं दायर की गईं। सुप्रीम कोर्ट ने 9 मई 2011 को इलाहाबाद हाई कोर्ट के इस फैसले पर रोक लगा दी थी।
राम मंदिर परहिंदूसंगठनों का सरकार परदबाव
लोकसभा चुनाव नजदीक आते ही राम मंदिर निर्माण की मांग तेज हो गई है। आरएसएस, विहिप समेत कई धार्मिक और हिंदू संगठन सरकार पर राम मंदिर निर्माण के लिए संसद में अध्यादेश लाने का दबाव डाल रहे हैं। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत भी कई बार सरकार से राम मंदिर पर कानून लाने की मांग कर चुके हैं।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
0 टिप्पणियाँ