500 लोगों की भीड़ ने किया था पुलिस पर हमला, इंस्पेक्टर की गोली लगने से हुई मौत


बुलंदशहर. गोकशी के शक में चिंगरावठी चौकी में सोमवार को हुई हिंसा के दौरान प्रत्यक्षदर्शी उप निरीक्षक सुरेश कुमार ने दावा किया कि लगभग 300-500 लोगों ने पूरे पुलिस बल पर हमला किया था। जिसमें इंस्पेक्टर सुबोध सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। हिंसा के बाद से बुलंदशहर को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।

पुलिस-प्रशासन के आलाधिकारी लगातार शहर के हालातों पर नजर बनाए हुए हैं। देर शाम लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना की जानकारी ली। उन्होंने दिवंगत इंसपेक्टर की पत्नी को 40 लाख रूपये और उनके माता-पिता को 10 लाख रूपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।दिवंगत इंस्पेक्टर के आश्रित परिवार को असाधारण पेंशन और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने का भी आश्वासन दिया।बुलंदशहर के डीएम अनुज झा ने कहा कि इंस्पेक्टर सुबोध सिंह की मौत गोली लगने से हुई है।

अखलाक केस में विवेचाधिकारी रहे इंस्पेक्टर सुबोध

सुबोध ग्रेटर नोएडा में हुए अखलाक हत्याकांड की जांच में शामिल थे। वे 28 सितंबर 2015 से 9 नवंबर 2015 तक इस मामले में जांच अधिकारी रहे थे।28 सितंबर 2015 को ग्रेटर नोएडा के बिसाहड़ा गांव में कुछ युवकों ने अखलाक की हत्या कर दी थी। हमलावरों को शक था कि अखलाक के घर में गोमांस रखा गया था। इस मामले में अलग-अलग जांच अधिकारियों ने मार्च 2016 में चार्जशीट पेश की थी।

अखिलेश ने कहा- प्रदेश में अराजकता; आजम बोले- निष्पक्ष जांच हो

इधर, अखिलेश यादव ने कहा- बुलंदशहर में पुलिस और ग्रामीणों के बीच संघर्ष में स्याना इंस्पेक्टर की मौत का समाचार बेहद दुखद है। उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि करते हैं।
अखिलेश ने कहा- भाजपा के शासन में प्रदेश अराजकता के दौर से गुजर रहा है। वहीं, आजम खा ने कहा- यदि यह वास्तव में मवेशी बरामद किए गए शव हैं तो पुलिस को निष्पक्ष जांच करनी चाहिए। क्योंकि उस विशेष क्षेत्र में अल्पसंख्यक आबादी नहीं है।


एसआईटीम गठित, हिंसा की वजहों को तलाशा जाएगा

एडीजी मेरठ जोन प्रशांत कुमार ने कहा- गोकशी में सात के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने गोकशी के मामले में नयाबांस गांव निवासी योगेशराज की तहरीर पर गांव के सात लोगों सुदैफ चौधरी, इलयास, शराफत, अनस, साजिद, परवेज और सरफुद्दीन के खिलाफ गोवध अधिनियम की धारा के तहत मुकदमा दर्ज किया है।2 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जांच के लिए एक एसआईटी का गठन किया गया है। जांच के एंगल में यह भी देखा जाएगा कि हिंसा क्यों हुई और क्यों पुलिस कर्मियों ने इंस्पेक्टर सुबोध कुमार को अकेला छोड़ दिया।

गोकशी के शक में भड़की थी हिंसा

गोकशी के शक में चिंगरावठी इलाके में सोमवार को हुए हिंसक प्रदर्शन के दौरान इंस्पेक्टर समेत दो लोगों की मौत हो गई। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस चौकी में आगजनी और तोड़फोड़ की। सड़क पर भी कई वाहन फूंक दिए। डीएम अनुज झा ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर भी पथराव किया। पुलिस को बचाव में गोलियां भी चलानी पड़ीं। पथराव के दौरान इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह घायल हो गए और उनकी इलाज के दौरान मौत हो गई। गोली लगने से एक युवक की भी जान गई है।

दिवंगत इंस्पेक्टर के पार्थिव शरीर को सलामी देते पुलिसकर्मी।
दिवंगत इंस्पेक्टर के पार्थिव शरीर को सलामी देते पुलिसकर्मी।
पार्थिव शरीर को कंधा देते एडीजी जोन एवं एसएसपी।
पार्थिव शरीर को कंधा देते एडीजी जोन एवं एसएसपी।

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