चेन्नई. दिल्ली हाईकोर्ट के बाद मद्रास हाईकोर्ट ने भी ऑनलाइन दवा बिक्री पर रोक लगा दी है। अदालत ने इस संबंध में केंद्र सरकार को 31 जनवरी तक नियम बनाने के लिए कहा है। ब्लूमबर्ग के मुताबिक तमिलनाडु केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन के वकील एस के चंद्रकुमार ने कोर्ट के फैसले के बारे में बताया कि बिना लाइसेंस दवाओं की ऑनलाइन बिक्री नहीं की जा सकेगी।
याचिकाकर्ता ने कोर्ट में बताया था कि देश में 3,500 ऐसी वेबसाइट हैं जो ऑनलाइन दवा बेच रही हैं। दिल्ली हाईकोर्ट भी पिछले गुरुवार को ई-फार्मेसी के जरिए दवा बिक्री पर रोक लगा चुका है। ऑनलाइन फार्मेसी कंपनियों को शपथ-पत्र दाखिल करने के लिए कोर्ट ने 4 हफ्ते का वक्त दिया है।
देश में इस साल ऑनलाइन दवा बिक्री का कारोबार 720 करोड़ रुपए का रहा। इस साल अगस्त में सरकार ने ऑनलाइन फार्मेसी के लिए गाइडलाइंस जारी की थीं। इनके मुताबिक ई-फार्मेसी चलाने के लिए सेंट्रल लाइसेंसिंग अथॉरिटी में रजिस्ट्रेशन जरूरी है। हालांकि, लाइसेंसिंग के नियमों को लेकर अभी तक दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए हैं।
ऑनलाइन दवा बिक्री के लिए सरकार ने 3 साल के लिए लाइसेंस देने का प्रावधान तय किया है। इसके तहत ट्रैंकुलाइजर, मानसिक रोगों और आदतों से जुड़ी दवाओं की बिक्री पर रोक जारी रहेगी।
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