नई दिल्ली. भाजपा की संसदीय दल की बैठक में मंगलवार को यहां राम मंदिर का मुद्दा उठा। कुछ सांसदों ने पूछा कि मंदिर कब बनाया जाएगा? इस पर गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा- सभी ऐसा चाहते हैं, लेकिन धैर्य रखें।
न्यूज एजेंसी के मुताबिक,भाजपा सूत्रों ने बताया कि उत्तरप्रदेश से सांसद रवीन्द्रकुशवाहा, हरिनारायण राजभर और कुछ अन्य सांसदों ने इस मुद्दे को तब उठाया जब गृह मंत्री पार्टी सांसदों को संबोधित कर रहे थे। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह मौजूद नहीं थे।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ समेत कुछ हिन्दुवादी संगठन राम मंदिर के जल्द निर्माण की वकालत कर रहे हैं। संघ प्रमुख मोहन भागवत ने इसके लिए कानून बनाने पर जोर दिया है। हालांकि, भाजपा का मानना है कि राम मंदिर का निर्माण होना चाहिए, हालांकि उसने इसके लिए कानून लाने पर स्थिति स्पष्ट नहीं की है।
बैठक के दौरान सिंह ने कहा कि विपक्ष में ऐसा कोई नेता नहीं है जिसकी लोकप्रियता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के समान हो। उन्होंने पार्टी सांसदों से 2019 लोकसभा चुनाव में जीत का लक्ष्य रखकर काम करने को कहा।
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह रविवार को 2019 के लोकसभा चुनावों की तैयारी को लेकर दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर (आईजीआई) स्टेडियम में पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक लेंगे। इसमें वे करीब 12 हजार बूथ प्रभारियों को नुस्खे देंगे।
भाजपा की दिल्ली इकाई के बूथ प्रबंधन विभाग के प्रमुख धरमबीर सिंह ने बताया कि पार्टी के जिला और उससे नीचे के स्तर के बूथ प्रभारियों की बैठकें होती रही हैं। पहली बार राष्ट्रीय अध्यक्ष और बूथ प्रभारियों के बीच राज्य स्तरीय संवाद किया जाएगा।
मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में चुनाव हारने के बाद भाजपा को झटका लगा है। चार महीने बाद लोकसभा चुनाव होने जा रहे हैं। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने कर्जमाफी का ऐलान कर बड़ा दांव फेंक दिया है। ऐसे में भाजपा को भी बूथ स्तर तक अब अपनी रणनीति में बदलाव करना होगा।
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