नई दिल्ली. वित्तीय संकट से जूझ रही एयर इंडिया को उबारने के लिए सरकार ने रिवाइवल प्लान तैयार किया है। यह प्लान इसे प्रतिस्पर्धी और मुनाफे वाली एयरलाइन में तब्दील करने पर केंद्रित है। इसके तहत एयरलाइन को वित्तीय पैकेज दिया जाएगा। कोर बिजनेस बढ़ाने के लिए अलग-अलग रणनीतियां अपनाई जाएंगी। नागरिक विमानन राज्य मंत्री जयंत सिन्हा ने लोकसभा में गुरुवार को प्रश्नकाल के दौरान यह जानकारी दी।
एयर इंडिया माली हालत में सुधार के लिए अब तक सरकार के बेलआउट पैकेज पर निर्भर रही है। सिन्हा ने बताया कि कर्ज का एक हिस्सा और कुछ एसेट एक स्पेशल पर्पज व्हीकल (अलग कंपनी) को ट्रांसफर किए जाएंगे। एयर इंडिया पर 55,000 करोड़ रुपए का कर्ज है।
प्लान में एयर इंडिया मैनेजमेंट को मजबूत बनाना, गवर्नेंस रिफॉर्म लागू करना, हर कोर बिजनेस के लिए अलग-अलग रणनीति पर अमल शामिल हैं। कारोबार के बेहतर तरीके अपनाकर ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ाई जाएगी।
सिन्हा ने लिखित उत्तर में कहा कि सरकार एयर इंडिया के विनिवेश के लिए प्रतिबद्ध है। इस संबंध में वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता वाले मंत्री समूह ने इसकी तीन सहयोगी कंपनियों को बेचने का ढांचा अलग से तय करने का निर्देश दिया है। इन कंपनियों में एयर इंडिया इंजीनियरिंग सर्विसेज लिमिटेड (एआईईएसएल), एयर इंडिया एयर ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड (एआईएटीएसएल) और एयरलाइन एलाइड सर्विसेज लिमिटेड (एएएसएल) शामिल हैं।
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