बोटाद.गुजरात में हनुमानजी को 'सांता क्लॉज' जैसे परिधान पहनाने से विवाद शुरू हो गया। यहां सारंगपुर मंदिर में दिन में दो बार भगवान के श्रीविग्रह के वस्त्र बदले जाने की परंपरा है। रविवार को हनुमानजी को 'सांता क्लॉज' जैसे परिधान पहनाए गए। मंदिर के प्रमुख विवेक सागर ने बताया कि अमेरिका में रहने वाले श्रद्धालु धमर भाई ने ये परिधान वहां तैयार करवा कर भेजे हैं।
मंदिर प्रमुख ने कहा कि यह गर्म और मखमली कपड़े हैं। जिसे सर्दियों में भगवान को अर्पित किया गया है। अभी धर्नुमास चल रहे हैं। धर्नुमास के लिए सुबह-सुबह ठाकोरजी सीखने जा रहे हैं। इसीलिए हर दिन अलग-अलग तरह के कपड़े पहनाए जाते हैं।
रविवार होने की वजह से भगवान को मखमली कपड़े पहनाकर अपने बचपन के दोस्तों के साथ खेलने के लिए भेजा। कपड़े भेजने वाले धराभाई ईश्वर में आस्था रखते हैं। उन्होंने अमेरिका से अच्छे इरादों के साथ कपड़े भेजे हैं। कई भक्त भगवान को कपड़े प्रदान करते हैं।
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मंदिर में हनुमानजी को लाल रंग की पोशाक पहनाई गई है। इसमें टोपियाँ हैं। ड्रेस के किनारे पर सफेद बॉर्डर है। लोगों का दावा है कि इस तरह के परिधान पहनने वाले सांता क्लॉज माने जाते हैं। इस ड्रेस को लेकर हिंदू संगठनों ने विरोध जताया था। साथ ही इसे हटाने की मांग की।
देश में हनुमानजी को लेकर तरह-तरह की बयानबाजी की जा रही है। 27 नवंबर को राजस्थान में योगी आदित्यनाथ ने हनुमानजी को दलित और वंचित बताया था। अगले ही रोज केंद्रीय मंत्री सत्यपाल चौधरी ने हनुमानजी को आर्य बताया था। इसके बाद हनुमानजी के जाट होने के तर्क दिए गए। भाजपा एमएलसी बुक्कल नवाब ने तो हनुमान को मुसलमान होने का दावा कर दिया था।
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