चामराजनगर. यहां स्थित महादेश्वरा हिल सलुरु मठ के पुजारी और उसके तीन सहयोगियों को हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। 14 दिसंबर को मंदिर में प्रसाद बांटे जाने के बाद 15 लोगों की मौत हो गई थी। पुलिस का कहना है कि भक्तों को मारने की साजिश रची गई थी। इसके लिए प्रसाद में जहर मिलाया गया था।
आईजी केवी शरत चंद्र ने बताया कि 52 साल के पट्टदा इम्मादि महादेश्वरा स्वामी उर्फ देवन्ना बुद्धि और उसके तीन सहयोगियों (एक महिला, उसका पति और एक दोस्त) को गिरफ्तार किया गया है। इन पर हत्या, हत्या की कोशिश और आपराधिक साजिश रचने का आरोप है। महादेश्वरा स्वामी ने न केवल मंदिर ट्रस्ट पर कब्जा कर लिया बल्कि सदस्यों को अपमानित भी किया।
शरत चंद्र के मुताबिक- 2017 तक महादेश्वरा मंदिर पुजारी के नियंत्रण में था। इसके बाद उसे किनारे कर दिया। 35 साल की एक महिला ने कथित तौर पर पुजारी को कीटनाशक लाकर दिया। महिला के पति और दोस्त ने उसे प्रसाद में मिला दिया।
घटना में 15 लोगों की मौत हो गई थी। 100 से ज्यादा लोग अभी भी अस्पताल में हैं। 14 दिसंबर को सुलवाड़ी में एक मंदिर के शिलान्यास के दौरान प्रसाद बांटा गया था। आईजी ने कहा कि मामले की जांच जारी है। कुछ और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। फिलहाल 22 अफसरों और 40 पुलिसकर्मियों की टीम ने 6 दिन में मामला सुलझा लिया।
पुलिस के मुताबिक- अप्रैल 2017 तक मंदिर का कामकाज महादेश्वरा स्वामी ही देखता था। उसने मंदिर से काफी पैसा बनाया। इसके बाद स्थानीय लोगों को शामिल कर मंदिर का ट्रस्ट बनाया गया। इसको लेकर पुजारी नाराज था क्योंकि उसकी कमाई बंद हो गई थी। मंदिर पर नियंत्रण को लेकर अंदरूनी कलह होने लगी थी।
शरत चंद्र के मुताबिक- अक्टूबर में ट्रस्ट ने मंदिर में गोपुरम (विशाल प्रवेश द्वार) बनवाने का फैसला किया। पुजारी को इसके बारे में बताया गया। पुजारी ने तमिलनाडु के एक मंदिर आर्किटेक्ट से 1.5 करोड़ रुपए की योजना बनाई।
एक बार फिर पुजारी पर पैसा कमाने के आरोप लगे और ट्रस्ट ने उसकी योजना को खारिज कर दिया और कहा कि यह पैसे की बर्बादी होगी। इसके बदले 75 लाख में एक अन्य मंदिर का बनवाना तय हुआ। 14 दिसंबर को इसी मंदिर के शिलान्यास का कार्यक्रम था। अपमान का बदला लेने के लिए पुजारी ने प्रसाद में जहर मिलाने की साजिश रची।
प्रसाद बनने के दौरान जब उसमें 15 बोतल कीटनाशक मिलाया गया, तब वहां रसोइए नहीं थे। बाद में रसोइयों ने प्रसाद में दुर्गंध आने की बात कही। उन्हें बताया गया कि प्रसाद में खाने में इस्तेमाल होने वाला कपूर मिलाया गया है।
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