मुंबई. भारत सरकार के मेक इन इंडिया कार्यक्रम के तहत काम कर रही कंपनी पैसिफिक साइबर टेक्नोलॉजी के दमन और सिल्वासा प्लांट्स में पिछले दिनों चीन के 60 विशेषज्ञों ने दौरा किया। इस मामले को लेकर विवाद शुरू हो गया है। विदेशियों के क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) के मुताबिक चाइनीज विशेषज्ञों ने व्यापार वीजा के नियमों के उल्लंघन किया है। इसलिए उन्हें तुरंत भारत छोड़ने के लिए कहा गया है। एफआरआरओ ने 15 दिसंबर को नोटिस जारी किया था
इस प्लांट में भारत सरकार के मेक इंडिया इंडिया योजना के तहत मोबाइल फोन बनाए जाते हैं। फोन की डिजाइन भी यहीं तैयार होती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस कंपनी ने पिछले छह महीने में 50 लाख फोन तैयार किए हैं।
एफआरआरओ का कहना है कि चीन के विशेषज्ञ मशीनों पर काम करते पाए गए। ऐसा करके उन्होंने वीजा नियमों का उल्लंघन किया। एफआरआरओ के नोटिस के खिलाफ कंपनी ने बुधवार को बॉम्बे हाईकोर्ट में अर्जी दी।
कंपनी के वकील नौशेर कोहली ने क्रिसमस की छुट्टियां शुरू होने से पहले सुनवाई की अपील की। अदालत शुक्रवार को इस मामले की सुनवाई करेगा। बताया जा रहा है कि एफआरआरओ के आदेश के बाद इनमें से कई विशेषज्ञ पहले ही भारत छोड़ चुके हैं।
कंपनी का कहना है कि चीन के जिन विशेषज्ञों ने दौरा किया उन्हें बिना कोई मौका दिए देश छोड़ने के लिए कह दिया गया। जबकि उनके वीजा अभी तक वैध हैं। उनके वीजा 20 दिसंबर से मई 2019 तक वैध हैं।
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