इस्लामाबाद. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा कि करतारपुर कॉरिडोर खोलना एक सच्चा प्रयास है, यह कोई गुगली नहीं है। उन्होंने कहा कि यह कोई दोहरा रवैया नहीं है, यह स्पष्ट फैसला है। इस्लामाबाद सच्ची नीयत से नई दिल्ली के साथ शांतिपूर्ण संबंध स्थापित करना चाहता है। पाक विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने करतारपुर कॉरिडोर के शिलान्यास कार्यक्रम में भारत द्वारा दो केंद्रीय मंत्री भेजे जाने पर कहा था कि इमरान की गुगली में भारत फंस गया।
कुरैशी ने पिछले हफ्ते एक कार्यक्रम में कहा था कि प्रधानमंत्री इमरान खान ने गुगली फेंकी और भारत को करतारपुर कॉरिडोर के शिलान्यास में शामिल होना पड़ा। सरकार के 100 दिन पूरे होने पर इमरान खान ने 28 नवंबर को पाक की तरफ वाले करतारपुर कॉरिडोर का शिलान्यास किया था। इसमें भारत की ओर से केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर, हरदीप सिंह पुरी और पंजाब के मंत्री और कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू शामिल हुए थे।
भारत किसी गुगली में नहीं फंसा- सुषमा
कुरैशी के इस बयान पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने रविवार को फटकार लगाई। सुषमा ने कहा कि यह उजागर हो गया कि पाकिस्तान सिखों की भावनाओं का सम्मान नहीं करता। सुषमा ने ट्वीट किया, 'पाकिस्तान के विदेश मंत्री महोदय- आपके गुगली वाले बयान से आश्चर्यजनक रूप से सब उजागर हो गया। यह दिखाता है कि पाक सिखों की भावनाओं की कद्र नहीं करता। आप केवल गुगली फेंकते हैं। मैं आपको बताना चाहती हूं कि भारत आपकी गुगली में नहीं फंसा? हमारे दो सिख मंत्री करता'रपुर गुरुद्वारे में अरदास करने गए थे।''
फटकार के बाद कुरैशी ने दी थी सफाई
भारत से फटकार के बाद कुरैशी ने सफाई दी थी। कुरैशी ने ट्वीट किया था, 'मेरे बयान को सिख भावनाओं से जोड़ना गलतफहमी पैदा करने और गुमराह करना की कोशिश है। मैंने जो कुछ भी कहा वह भारत के साथ द्विपक्षीय बातचीत को लेकर था। हम सिख भावनाओं का सम्मान करते हैं, कितना भी विवाद इसे नहीं बदल सकता। सिख समुदाय की भावनाओं को ध्यान में रखकर करतारपुर कॉरिडोर खोलने का फैसला किया गया।'
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