बहराइच से सांसद सावित्री फुले का भाजपा से इस्तीफा, कहा- दलित-पिछड़ा विरोधी है पार्टी

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लखनऊ. अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहने वालींबहराइच से सांसद सावित्री बाई फुले ने गुरुवार कोभाजपाकी प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने इस मौके पर भाजपा पर भी निशाना साधा। फुले ने कहा कि भाजपा दलित और पिछड़ा विरोधी है और देश को मनुस्मति से चलाना चाहती है।

गुरुवार को लखनऊ मेंबाबा साहब भीमराव अंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस के मौके पर फुले ने अपने इस्तीफे का ऐलान किया। उन्होंने कहा किभाजपा दलित, पिछड़ा औरमुस्लिम विरोधी है और आरक्षण खत्म करने की साजिश रच रही है।

संविधान बदलने की कोशिश कर रही भाजपा- फुले

सांसद ने भाजपा पर देश के संविधान को बदलने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया। उन्होंनेकहा- पार्टी सेआहत होते हुए मैं छह दिसंबर 2018 को भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रही हूं। आज से मेरा भाजपा से कोई लेना-देना नहीं है। दलित सांसद होने की वजह सेमेरी बातों को अनसुना किया गया। संविधान खत्म करने की साजिश के साथ ही दलित, पिछड़ों का आरक्षण बड़ी बारीकी से समाप्त किया जा रहा है।

'हनुमानजी दलित थे, इसलिए राम ने उन्हें बंदर बना दिया'
सावित्री ने इस दौरान उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्रीयोगी आदित्यनाथपर भी निशाना साधा। उन्होंनेकहा-मुख्यमंत्री योगने हनुमानजी को दलित बताया है। हनुमानजी दलित थे, लेकिन मनुवादियों के खिलाफ थे। हनुमानजी दलित थे, इसलिए राम ने उन्हें बंदर बना दिया। दलितों को मंदिर नहीं, संविधान चाहिए।' फुले ने कहा, '23 दिसंबर को रमाबाई मैदान में महारैली करूंगी। मैं सांसद हूं, जब तक कार्यकाल है, सांसद ही रहूंगी। मैं संविधान को पूरी तरह से पालन करूंगी।'



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बहराइच सांसद सावित्रीबाई फुले।

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