नई दिल्ली.अगस्ता-वेस्टलैंड मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के खुलासे परकांग्रेस ने सवाल उठाए। कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने कहा कि यह चौकाने वाला है किकैसे एक सरकारी वकील जो सीबीआई और ईडी का प्रतिनिधित्व कर रहा है, वह कोर्ट में राजनीतिकर सकता है।उन्होंने कहा कि उसे मोदी की ओर से जो निर्देश मिल रहे हैं, वो वही कर रहा है। अब हमें किसी भी जांच एजेंसी पर भरोसा नहीं है।
ईडी ने शनिवार को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में बिचौलिये क्रिश्चियन मिशेल से हुई पूछताछ का ब्योरा दिया था। ईडी ने अदालत से कहा था कि मिशेल ने 'श्रीमती गांधी' का नाम लिया, लेकिन उसने यह नाम किस संदर्भ में लिया यह अभी हम नहीं कह सकते। मिशेल ने इस बात का भी जिक्र किया था कि 'इतालवी महिला का बेटा' किस तरह भारत का प्रधानमंत्री बनेगा।
ईडी ने कहा- पता लगाएंगे कि 'R' कौन था?
ईडी के मुताबिक, मिशेल ने बतायाकि किस तरह हिंदुस्तान एयरोनॉटिकल लिमिटेड (एचएएल) को इस डील से अलग किया गया और उसकी जगह यह डील टाटा को दी गई। ईडी ने अदालत को बताया था कि वकील को मिशेल से मिलने की इजाजत ना दी जाए, क्योंकि उसे बाहर से निर्देश दिए जा रहे हैं। हम यह पता करना चाह रहे हैं कि वह बड़ा आदमी कौन है, जिसे क्रिश्चियन मिशेल और दूसरे लोगों की बातचीत के बीच 'R' कहकर बुलाया जा रहा है। हम मिशेल से दूसरे लोगों के सामने पूछताछ करना चाहते हैं कि वह बड़ा आदमी कौन है, जिसे R कहा जा रहा है।
कांग्रेस सरकार घोटालों की सरकार रही- भाजपा
ईडी के खुलासे पर केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकरने शनिवार को कांग्रेस पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार घोटालों की सरकार रही। उस दौरान जल, थल, आकाश सभी जगहों पर घोटाले हुए। वह ऐसा राज था, जिसमें देश को लूटने का काम हुआ। जावड़ेकर ने कहा था- यही कहानी थी कि चोर इतना शोर क्यों मचा रहा है, चोर मचाए शोर।
मोदी सरकार ने अगस्ता वेस्टलैंड को ब्लैकलिस्ट से बाहर क्यों किया?- कांग्रेस
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने रविवार को भाजपा पर पलटवार किया। उन्होंने पूछा कि सरकार ने अगस्ता वेस्टलैंड को ब्लैकलिस्ट से बाहर क्यों किया? उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार अगस्ता की सहकारी है। मोदी ने कंपनी को मेक इन इंडिया योजना का हिस्सा बनाया। मोदी सरकार अपनी कपटी भूमिका छिपाने के लिए बचाओ में जुट गई है।
सुरजेवाला ने कहा, अगस्ता वेस्टलैंड और उसकी पेरेंट कंपनी को ब्लैकलिस्ट से हटा दिया गया। मोदी ने कंपनी को नौसेना के लिए 100 नौसैनिक हेलीकॉप्टरों के लिए बोली लगाने की अनुमति दी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मोदी सरकार अगस्ता वेस्टलैंड के खिलाफ सभी मामले हार गई लेकिन दोबारा अपील नहीं की गई।
मिशेल पर 225 करोड़ की दलाली का आरोप
- मिशेल पर वीवीआईपी हेलिकॉप्टर सौदे में 225 करोड़ रुपए की दलाली लेने का आरोप है। इस मामले में पूर्व वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी भी आरोपी हैं।
- मिशेल पर आरोप था कि उसने बिचौलिए की भूमिका निभाते हुए भारतीय अफसरों को गलत तरीक से पैसा दिया था। पिछले साल सितंबर में मिशेल के खिलाफ चार्जशीट दायर की गई थी।
- उसके खिलाफ 24 सितंबर 2015 को गैर जमानती वॉरंट जारी किया गया था। फरवरी 2017 में उसके खिलाफ इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया। मिशेल को दुबई पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद से वह यूएई की जेल में ही था।
- मिशेल पर आपराधिक साजिश का आरोप लगा था, जिसमें एसपी त्यागी, उनके परिवार के सदस्यों और अफसरों को भी शामिल किया गया था। यह भी कहा गया कि अधिकारियों ने अपने पद का गलत इस्तेमाल करके वीवीआईपी हेलिकॉप्टर की सर्विस सीलिंग 6 हजार मीटर से 4500 मीटर तक कम करा ली थी।
- सीलिंग कम होने के बाद 556.262 मिलियन यूरो (करीब 44 लाख करोड़ रुपए) के हेलिकॉप्टर कॉन्ट्रैक्ट पर सहमति बनी थी। इसके लिए रक्षा मंत्रालय (यूपीए 2) ने 8 फरवरी 2010 को 12 वीवीआईपी हेलिकॉप्टरों के लिए पैसे दिए थे।
रक्षा सौदों में बिचौलिए की भूमिका निभाता था मिशेल
मिशेल कंपनी में 1980 से काम कर रहा था। उसके पिता भी कंपनी में भारतीय क्षेत्र के मामलों के लिए सलाहकार रहे थे। सीबीआई का कहना है कि मिशेल का भारत का काफी आना-जाना था। वह रक्षा सौदों में वायुसेना और रक्षा मंत्रालय के बीच बिचौलिए की भूमिका निभाता था। मिशेल को वायुसेना और रक्षा मंत्रालय के अफसरों से सूचनाएं मिलती थीं। इनको वह फैक्स के जरिए इटली और स्विट्जरलैंड भेजता था। इस मामले में एसपी त्यागी को 2016 में गिरफ्तार किया गया था। त्यागी पर आरोप है कि उन्होंने डील को इस तरह प्रभावित किया कि कॉन्ट्रैक्ट इटली की अगस्ता वेस्टलैंड कंपनी को ही मिले।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
0 टिप्पणियाँ