नई दिल्ली. रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) ने रविवार को कहा कि एरिक्सन बकाया की रिकवरी के मामले को सनसनीखेज बना रही है और मीडिया ट्रायल की कोशिश कर रही है। आरकॉम ने कहा कि वह जियो के साथ डील से मिलने वाली रकम से एरिक्सन का बकाया चुकाने के लिए प्रतिबद्ध है। जियो से डील के लिए सरकार की मंजूरी नहीं मिल रही। आरकॉम पर एरिक्सन के 550 करोड़ रुपए बकाया हैं।
एरिक्सन ने शुक्रवार को दावा किया था कि उसने आरकॉम के चेयरमैन अनिल अंबानी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका दायर की है। सुप्रीम कोर्ट ने 15 दिसंबर तक आरकॉम को एरिक्सन का बकाया चुकाने के लिए कहा था। लेकिन, आरकॉम भुगतान नहीं कर पाई। उधर, आरकॉम का कहना है कि उसे अवमानना याचिका के संबंध में कोई नोटिस नहीं मिला है। एरिक्सन मीडिया में गलत तरीके से इस मामले का प्रचार कर रहा है।
एरिक्सन ने दावा किया कि उसने अवमानना याचिका में यह अपील भी की है कि अनिल अंबानी और आरकॉम से जुड़े 2 अन्य लोगों को भुगतान किए जाने तक सिविल जेल में रखा जाना चाहिए। आरकॉम को दिवालिया कोर्ट में हुए समझौते के तहत एरिक्सन को 550 करोड़ रुपए चुकाने हैं।
क्या है विवाद की वजह ?
एरिक्सन ने साल 2014 में आरकॉम का टेलीकॉम नेटवर्क संभालने के लिए 7 साल की डील की थी। उसका आरोप है कि आरकॉम ने 1,500 करोड़ रुपए की बकाया रकम नहीं चुकाई। दिवालिया अदालत में सेटलमेंट प्रक्रिया के तहत एरिक्सन इस बात के लिए राजी हुई कि आरकॉम सिर्फ 550 करोड़ रुपए का भुगतान कर दे।
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