नई दिल्ली. जीएसटी पर मंत्रियों की एक समिति ने रजिस्ट्रेशन के लिए सालाना टर्नओवर की सीमा बढ़ाने पर सहमति जताई है। लेकिन यह सीमा क्या हो, इस पर एक राय नहीं बन पाई है। अभी 20 लाख रुपए तक बिजनेस वालों के लिए जीएसटी में रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी नहीं है। वित्त राज्य मंत्री शिवप्रताप शुक्ल की अध्यक्षता में रविवार को इस समिति की बैठक हुई। 10 जनवरी को जीएसटी काउंसिल की बैठक में इन सिफारिशों पर विचार किया जाएगा।
समिति के सदस्य और बिहार के वित्त मंत्री सुशील मोदी ने बताया कि दिल्ली ने टर्नओवर की सीमा बढ़ाकर 40 लाख तो बिहार ने 50 लाख रुपए करने का सुझाव दिया। एक सुझाव यह था कि 50 से 60 लाख रु. तक टर्नओवर वालों से 5,000 रुपए और 60-75 लाख रु. वालों से 10-15 हजार रुपए जीएसटी लिया जाए।
सुशील मोदी ने कहा कि जीएसटी से पहले 1.5 करोड़ रुपए तक टर्नओवर वालों को एक्साइज में रजिस्ट्रेशन से छूट थी। इसलिए जीएसटी में एमएसएमई को राहत दिए जाने की जरूरत महसूस हो रही है। उन्होंने बताया कि समिति ने कंपोजीशन स्कीम की सीमा भी एक करोड़ से बढ़ाकर 1.5 करोड़ रुपए करने की सिफारिश की है। इसके अलावा इस स्कीम के तहत कारोबारियों को तिमाही की जगह सिर्फ सालाना रिटर्न फाइल करने की छूट मिले। हालांकि वे टैक्स हर तिमाही भरें।
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सर्विसेज को भी कंपोजीशन स्कीम में लाने की सिफारिश
- 50 लाख रुपए तक टर्नओवर वाले सर्विस प्रोवाइडर को कंपोजीशन स्कीम अपनाने का विकल्प मिले। इन पर 5% जीएसटी लगाया जा सकता है।
- 1.5 करोड़ रुपए तक टर्नओवर वाले कारोबारियों को जीएसटी नेटवर्क की तरफ से अकाउंटिंग और बिलिंग सॉफ्टवेयर मुफ्त में उपलब्ध कराया जाए।
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