तिरुअनंतपुरम. सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश के विरोध में केरल में सोमवार को पांचवे दिन भी हिंसा जारी रही। अब तक हिंसा से जुड़े 2182 मामले दर्ज किए गए। 6 हजार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। मुख्यमंत्री पी विजयन नेहिंसा के लिए भाजपा और संघ को जिम्मेदार ठहराया है।
विजयन ने कहा, भाजपा और संघ राज्य की कानून व्यवस्था को नष्ट करने की कोशिश कर रहे हैं। हिंसा में शामिल लोगों में से 91.71% संघ के संगठनों केकार्यकर्ता हैं। यही लोग नेताओं, राजनीतिक दलों के दफ्तरों, मीडिया और घरों पर हमला करने में शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा- राज्य सरकार ने हिंसा के दौरान केरल के लोगों की प्रॉपर्टी को बचाने के लिए 'प्रिवेंशन ऑफ डैमेज ऑफ प्राइवेट प्रॉपर्टी एंड पेमेंट ऑफ कम्पन्सेशन' अध्यादेश लाने का फैसला किया है।
2 जनवरी को 50 साल से कम उम्र कीदो महिलाओं- बिंदु और कनकदुर्गा ने प्रवेश किया था। इसके बाद से राज्य में हिंसक प्रदर्शनों शुरू हो गए।
28 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने मंदिर में हर उम्र की महिला को प्रवेश देने की इजाजत दी थी। इससे पहले यहां 10 से 50 साल उम्र की महिला के प्रवेश पर रोक थी। यह प्रथा 800 साल पुरानी है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले का पूरे राज्यभर में विरोध हो रहा है।
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