नई दिल्ली.राफेल विवाद में रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने लोकसभा में कहा कि हिन्दुस्तान एयरोनोटिक्ट लिमिटेड (एचएएल) के साथ 73 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट पाइप लाइन में हैं। विमान सौदे का हवाला देकर लगाए एचएएल से जुड़े कांग्रेस के सवाल बेबुनियाद हैं। दरअसल, राहुल का आरोप है कि पुराने कॉन्ट्रैक्ट में राफेल विमान बनते तो देश के लाखों युवाओं को रोजगार मिलता, लेकिन मोदी सरकार ने एलएएल से कॉन्ट्रैक्ट छीनकर अनिल अंबानी को दे दिया।
राहुल ने रविवार को ट्वीट कर आरोप लगाया था, '"जब आप झूठ बोलते हैं तो उसे छिपाने के लिए आपको कई झूठ बोलने पड़ते हैं। रक्षा मंत्री ने प्रधानमंत्री के राफेल पर झूठ को सही साबित करने के लिए संसद में झूठ बोला। रक्षा मंत्री को संसद में एचएएल को एक लाख करोड़ के कॉन्ट्रैक्ट देने के दस्तावेज पेश करने चाहिए, नहीं तो वे इस्तीफा दें।''
सीतारमण बोलीं- आपको एबीसीडी सीखने की जरूरत
इसके बाद रक्षा मंत्री ने ट्वीट किया, ''राहुल गांधी, आप जैसे लोगों को जनता को गुमराह करने का भूत चढ़ा हुआ है। आप किसी भी आर्टिकल को पढ़े बगैर उसका हवाला दे देते हैं। लगता है कि आपको एबीसीडी से शुरुआत करने की जरूरत है।'' दरअसल अपने ट्वीट में राहुल ने एक खबर का लिंक शेयर किया था।
4 साल में एचएएल को 26570 करोड़ रु के कॉन्ट्रैक्ट मिले
रक्षा मंत्री ने लिखा, ''2014 से 2018 के बीच में एचएएल के साथ 26570 करोड़ रुपए के कॉन्ट्रैक्ट किए गए। इसके अलावा 73 हजार करोड़ के कॉन्ट्रैक्ट अभी पाइप लाइन में हैं। क्या राहुल झूठ के लिए देश से माफी मांगेंगे और संसद से इस्तीफा देंगे?''
एचएएल को एक रुपए का भी कॉन्ट्रैक्ट नहीं मिला- सुरजेवाला
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट किया, ''रक्षा मंत्री का झूठ सामने आ गया। रक्षा मंत्री ने दावा किया है कि एचएएल को एक लाख करोड़ रुपए के कॉन्ट्रैक्ट दिए गए। लेकिन एचएएल का कहना है कि एक भी पैसा नहीं आया। न ही एक भी पैसे के कॉन्ट्रैक्ट पर हस्ताक्षर किए गए। एचएएल को पहली बार कर्मचारियों को वेतन देने के लिए 1 हजार करोड़ रुपए का कर्ज लेना पड़ा।''
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