नागपुर. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की तरीफ करते हुए कहा है कि उन्होंने कांग्रेस में पुरुष नेताओं पर अपनी श्रेष्ठता साबित की। यह काम उन्होंने अपनी योग्यता से किया। इसके लिए किसी कोटे का सहारा नहीं लिया। उनका यह बयान भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को रास नहीं आएगा, क्योंकि इमरजेंसी को लेकर पार्टी इंदिरा पर हमेशा हमलावर रही है। हालांकि, गडकरी ने यह बात महिला आरक्षण के मसले पर कही, लेकिन फिर भी भाजपा नेताओं के लिए इसे स्वीकार करना सहज नहीं होगा।
गडकरी ने सेल्फ हेल्प ग्रुप्स के एक कार्यक्रम का शुभारंभ करने के बाद यह बात कही। उन्होंने लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन, राजस्थान की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की भी चर्चा की। उनका कहना था कि इन सभी ने अपनी योग्यता को साबित किया। ये सारी महिलाएं किसी कोटे की मोहताज नहीं रहीं। आगे बढ़कर सभी ने खुद को साबित किया।
गडकरी ने कहा कि वह महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन उनका मानना है कि जाति व धर्म की आड़ में राजनीति करना गलत है। एक व्यक्ति की पहचान उसके ज्ञान से होती है न कि जाति धर्म और क्षेत्र से। क्या कभी किसी ने पूछा कि सांई बाबा, गजानन महाराज और तुकोजी महाराज का धर्म क्या था। उनका कहना था कि छत्रपति शिवाजी महाराज, डॉ. भीमराव अंबेडकर और ज्योतिबा फुले की जाति किसी ने पूछी।
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