ट्रैवल डेस्क। अब रेलवे स्टेशनों पर भी एयरपोर्ट की तरह सुरक्षा व्यवस्था लागू की जा रही है। पैसेंजर्स को ट्रेन के डिपार्चर टाइम से 15 से 20 मिनट पहुंचना जरूरी होगा। हाईटेक सुरक्षा घेरों और सुरक्षा बलों की निगरानी चौकियों से गुजरना होगा। इस प्रक्रिया में 15-20 मिनट में लगेंगे, इसलिए यात्रियों को कम से कम 20 मिनट पहले रेलवे स्टेशन पर पहुंचना होगा। रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स डायरेक्टर जनरल अरुण कुमार ने मीडिया को बताया कि इलाहाबाद और हुबली रेलवे स्टेशन पर इस व्यवस्था को शुरू भी कर दिया गया है। जल्द ही 202 रेलवे स्टेशन पर और इसे लागू कर दिया जाएगा।
एंट्री गेट पर ही होगी जांच
यात्रियों की एंट्री गेट पर जांच की जाएगी। यह काम हाईटेक टेक्नोलॉजी के साथ ही सिक्योरिटी फोर्स द्वारा किया जाएगा। हालांकि यात्रियों को रेलवे स्टेशन पर घंटों पहले आने की बाध्यता नहीं होगी। उन्हें केवल 20 मिनट पहले ही पहुंचना होगा, जिससे सुरक्षा जांच हो सके।
हर एंट्री पॉइंट पर होगी सिक्योरिटी
- हर एंट्री पॉइंट पर रेंडम सिक्योरिटी चेक होगा।
- जांच टेक्नोलॉजी के जरिए की जाएगी। इसलिए मेनपॉवर कम होगा।
- यह स्टेप इंटीग्रेटेड सिक्योरिटी सिस्टम के तहत लिए जा रहे हैं।
- स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरा, एक्सेस कंट्रोल, पर्सनल और बैगेज स्क्रीनिंग सिस्टम और बॉम्ब डिटेक्शन और डिस्पोजल सिस्टम लगेंगे।
- इसमें करीब 385 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
- स्टेशन पर रियल टाइम फेस रिकग्निशन सॉफ्टवेयर भी होगा। यह आरपीएफ को अलर्ट करने के काम आएगा।
- पैसेंजर्स को रेंडम चेक किया जाएगा। यानी हर आठ से दसवें पैसेंजर में से किसी को सिक्योरिटी प्रॉसेस से गुजरना होगा।
- यात्री के स्टेशन में घुसने से पहले बहु स्तरीय जांच की जाएगी, जिससे पीक आवर्स में स्थिति अनियंत्रित न हो।
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