नई दिल्ली (पवन कुमार).बाबा की सलाह पर टूथब्रश से गले तक सफाई करने के चक्कर में दो युवकों के पेट में ब्रश चला गया। दोनों को गंभीर हालत में दिल्ली एम्स में भर्ती कराया गया। जहां डॉक्टरों ने एंडोस्कोपी करके पेट से ब्रश को सफलता से निकाला। डॉक्टरों ने बताया कि अगर पेट से ब्रश निकालने में देरी होती तो अतड़ी फट सकती थी। इससे पेट में संक्रमण फैल जाता और जान जाने का भी खतरा था।
डॉक्टरों ने बताया कि यूपी के आगरा में रहने वाले गौरव को अक्टूबर में और दिल्ली निवासी आबिद को 9 दिसंबर को एम्स के आपातकालीन विभाग में भर्ती कराया गया। दोनों मरीजों क समस्या एक जैसी थी। फूड पाइप (आहार नली) के रास्ते पेट में ब्रश जाने चला गया था। इसके चलते दोनों मरीजों को पेट में तेज दर्द और खाने-पीने में दिक्कत हो रही थी।
डॉक्टरों ने दोनों मरीजों की शुरुआती चिकित्सीय जांच-पड़ताल और सीटी स्कैन करके देखा तो पता चला कि पेट में ब्रश जाकर अटका (क्षैतिज) हुआ है। इसके बाद एंडोस्कोपी करके डॉक्टरों ने ब्रश निकालने की कोशिश की। लेकिन ब्रश क्षैतिज पड़ा था इसलिए निकालना मुश्किल हो रहा था। लिहाजा एम्स के ही गैस्ट्रोइंट्रोलॉजी विभाग के डॉक्टरों की मदद से ब्रश को निकाला गया।
डॉक्टरों ने बताया कि दोनों मरीजों का पेट साफ नहीं होता था। ऐसे में किसी बाबा ने उन्हें सलाह दी थी कि ब्रश करते समय गले के अंदर तक सफाई किया करो। इससे अंदर से थोड़ी गंदगी निकलेगी और पेट साफ रहेगा। दोनों मरीज ब्रश से गले के अंदर तक सफाई कर रहे थे, तभी अचानक ब्रश पेट के अंदर चला गया था।
एम्स के आपातकालीन विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ.प्रवीण अग्रवाल ने बताया कि अगर समय से टूथब्रश को बाहर नहीं निकाला जाता तो दोनों युवकों की जान तक जा सकती थी। उन्होंने कहा कि पेट में ब्रश होने से एक तो अंतड़ी फटने का खतरा था। दूसरा संक्रमण फैलने का खतरा था। दोनों ही स्थितियों में मरीज को गंभीर खतरा था।
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