तिहाड़ से दुष्कर्मियों के गांव तक की ग्राउंड रिपोर्ट, 2,651 दिन बाद मिले न्याय की हर बड़ी खबर एक जगह, एक साथ
दैनिक भास्कर कलेक्शन. तमाम कानूनी दांव-पेंच के बावजूदनिर्भया केस में आखिर फैसला आ ही गया। 20 मार्च, सुबह 5:30 बजे तिहाड़ जेल के फांसी घर में चारो दुष्कर्मियों को फांसी पर चढ़ा दिया गया। दैनिक भास्कर ने इस घटना कोहर एंगल से कवरेज किया है। हमारे रिपोर्टर निर्भया के परिजनों से लेकर दुष्कर्मियों के गांव तक पहुंचे और वहां से अपने पाठकों के लिए फांसी के पहले और बाद का लाइव कवरेज किया। हमारी डेस्क और रिसर्च टीम ने नॉलेज और टॉकिंग पाइंट देने वाले हर पाइंट पर काम किया।
नतीजा,ये तमाम खबरें जो हम आपके लिए एक साथ, एक जगह संजोरहे -
तिहाड़ से लाइव
7 साल, 3 महीने और 4 दिन के बाद वह सुबह आ ही गई, जब निर्भया सच में मुस्कुराई। शुक्रवार सुबह साढ़े पांच बजे उसके सभी दोषियों को एक साथ तिहाड़ जेल में फांसी पर लटका दिया गया।
मां की प्रतिक्रिया
निर्भया की मां आशा ने कहा-मैंने बेटी की तस्वीर को गले से लगाकर कहा कि आज तुम्हें इंसाफ मिल गया। बेटी जिंदा रहती तो डॉक्टर की मां कहलाती। आज निर्भया की मां के नाम से जानी जा रही हूं।
निर्भया के गांव से ग्राउंड रिपोर्ट
दरिंदों को फांसी दिए जाने से पूरे गांव में जश्न का माहौल है। निर्भया के गांव के वीरेंद्र कहते हैं कि आज का दिन बहुत खुशी का दिन है। इस फांसी से पूरे गांव को खुशी मिली है,अमित मुखर्जी की रिपोर्ट -
दोषी मुकेश के गांव से ग्राउंड रिपोर्ट
राजस्थान के करौली जिले के छोटे से गांव कल्लादेह में कुल 5 से 6 छप्परवाले घर ही हैं। दुष्कर्मी मुकेश सिंह का घर नदी के किनारे ही बना है, जो लंबे समय से बंद पड़ा है, विष्णु शर्मा की रिपोर्ट -
दोषी अक्षयगांव से ग्राउंड रिपोर्ट
दिल्ली से 900 किमी, बिहार के औरंगाबाद जिला मुख्यालय से 35 किमीदूर अक्षय के गांव कर्मालहंग में सन्नाटा है। पत्रकारों ने जब वहां अक्षय का नाम लिया, तोलोग लाठी लेकर हमला करने आ गए,विवेक कुमार की रिपोर्ट
दोषी पवन के गांव से ग्राउंड रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश के बस्तीजिलेसे 20 किमी दूर जगन्नाथपुर गांव है। अल सुबह जब भास्कर इस गांव में दोबारा पहुंचा तो सुबह 4 बजे से ही गांव में जगह-जगहलोग इकट्ठा होकर मोबाइल-टीवी देख रहे थे,रवि श्रीवास्तव की रिपोर्ट
फांसी की तैयारी
फांसी देने के लिए जल्लाद पवन 17 तारीख को ही तिहाड़ पहुंच चुका था। लेकिन फांसी से कुछ घंटे पहले इन दरिंदों के साथ क्या-क्या हुआ? फांसी पर चढ़ाने की पूरी प्रोसेस क्या है?
दुष्कर्मियों के दांव
निर्भया गैंगरेप मामले में चारों दोषियों की छह अर्जियों पर आखिरी 15 घंटे में चार अदालतों में सुनवाई हुई।उनके वकील की ओर से आखिरी कोशिश देर रात दो बजे की गई।
निर्भया केस के अहम किरदार
निर्भया का बयान लेनी वालीएसडीएम उषा चतुर्वेदी, उनके साथ अंत तक रहीतत्कालीन एसआई प्रतिभा शर्मा,डॉ. अरुणा बत्रा, अहम सबूत जुटाने वाले डॉ. बीके महापात्रा और डॉ.असित बी. आचार्या से बातचीत ।
खोजबीन की खबर
दरिंदों ने निर्भया के साथ किस हद तक हैवानियत की थी, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि दुष्कर्मी उसके कपड़े उतार कर ले गए। बाद में इन्हीं कपड़ों से बस भी साफ की।
नॉलेज पैक
35 साल तक तिहाड़ में नौकरी करने के दौरान सुनील गुप्ता ने 8 फांसियां देखीं। इसमें रंगा-बिल्ला से लेकर इंदिरा गांधी के हत्यारे सतवंत सिंह और केहर सिंह की फांसी भी शामिल थी।
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source /national/news/nirbhaya-case-full-coverage-of-this-case-at-one-shot-in-one-url-with-dainik-bhasakar-127013190.html
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