उप्र के 15 जिलों में इंटरनेट बंद; आज नमाज के बाद बिगड़े न माहौल इसके लिए सरकार ने कसी कमर

लखनऊ.उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए आज चुनौतीभरा दिन है। शुक्रवार होने के चलते आज हर जिले कीमस्जिदों में जुमे की नमाज के लिए भीड़ जुटेगी। पिछले शुक्रवार को नमाज के बाद ही तमाम लोग सड़कों पर उतरे थे और प्रदर्शन किया था। जिसमें अराजकतत्वों ने हिंसा फैला दी थी। नतीजा 22 जिलों में हिंसा फैल गई थी। सरकार व प्रशासन उस चूक को दोहराना नहीं चाहता है।अराजकतत्वभीड़ का फायदा उठाकर प्रदेश का माहौल न बिगाड़ पाएं, इससे निपटने के लिएपूरे प्रदेश में प्रशासन औरपुलिस अलर्ट है। संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बलों के साथ पुलिस के अफसर फ्लैग मार्च कर रहे हैं।डीजीपी ओपी सिंह ने कहा- कानून और व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। 21 जिलों में इंटरनेट सेवाओं को बंद कर दिया गया है।

बीते शुक्रवार को गरिकता संशोधन कानून के विरोध में बीते शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के 22 जिलों में हिंसा हुई थी। मेरठ, वाराणसी, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, संभल, फिरोजाबाद, कानपुर औररामपुर में 19 लोगों की जान गई थी। इसके बाद से लगातार प्रदेशभरकेजिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षकने हिंसा के बाद शांति समितियोंकी बैठक में लोगों को नागरिकता कानून के बारेमें जागरुक किया।उन्हें शांतिपूर्वक अपनी बात रखने के लिए कहा गया। कानपुर, मेरठ में स्थानीय लोगों को वाॅलंटियर के रूप में मस्जिदों औरसंवेदनशील इलाकों में तैनात हैं।


संवेदनशील जिलों में प्रशासन ने खींचा सुरक्षा का खाका

मुजफ्फरनगर: संवेदनशील इलाका मीनाक्षी चौक के अलावा तीन अन्य क्षेत्रों में सुरक्षा बलों के साथ पुलिस का जमावड़ा है। मस्जिदों के पास सुरक्षा लगी है। संवेदनशील इलाकों में अधिकारियों के नेतृत्व में फ्लैग मार्च हो रहा है।


कानपुर : पिछले शुक्रवार को बाबुपुरवा और यतीमखाने में हिंसा हुई थी। प्रशासन ने इन दोनों के अलावा अन्य संवेदनशील इलाकों में पीस कमेटी के साथ बैठक की। सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। आईजी मोहित अग्रवाल ने कहा- मुस्लिम समुदाय के धर्मगुरुओं से सहयोग की अपीलकी है। प्रत्येक मस्जिद पर जहां-जहां पर नमाज पढ़ी जाएगी, वहां पर दस-दस वाॅलंटियर लगाए गए हैं। उन लोगों से कहा गया किसुनिश्चित करें कि नमाज पढ़ने के बाद लोगअपने-अपने घर जाएं।पुलिस की तैनाती के साथ खुफिया तंत्र भी लगाया गया है। हमारा प्रयास रहेगा कि किसी तरह का उपद्रव नहोने पाए।


मेरठ: संवेदनशील इलाके में सुरक्षा बलों के साथ मैजिस्ट्रेट की तैनाती की गईहै। हिंसा प्रभावित इलाकों में वहां के लोगों को जिम्मेदारी तय कीगई है किकोई इकट्ठा न होने पाएं। डीएम अनिल ढींगरा ने कहा- पीस कमेटियों की बैठक में लोगों से कहा गया है कि ​यदि उन्हें अपनी बात कहनी है तो वह अपने धर्मगुरुओं के माध्यम से लिखित में पक्ष रखसकते हैं। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बलतैनात किया गया है। 14 लोगों की निगरानी सर्विलांस और अन्य माध्यमों से की जा रही है, जो उपद्रव भड़काने की साजिश में शामिल हो सकते हैं।

बिजनौर : यहां संवेदनशील इलाके में 1 कम्पनी आईटीबीपी, छह कम्पनी पीएसी तैनात की है।छह ड्रोन कैमरे और 259 खुफिया कैमरों से संदिग्धों पर नजर रखी जा रही है। जिले को जोन औरसेक्टर में बांटा गया है। मस्जिदों के इर्द-गिर्द सुरक्षा बलों की तैनाती है। प्रशासन ने पीस कमेटी की बैठकाें मेंलोगों को नागरिकता कानून की जानकारी दी।हिंसा न करने की अपील भी की है। एसपी सिटी लक्ष्मी निवास मिश्रा ने कहा- प्रशासन अलर्ट है।


इटावा : यहां शांति बहाली के लिए एसएपी संतोष कुमार मिश्रा ने गुरुवार को मुस्लिम समुदाय के साथ क्रिकेट मैच खेला है। इस दौरान मुस्लिम समुदाय के धर्मगुरु, समाजसेवी मौजूद रहे। हालांकि, एहतियातन संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। लोगों को शांतिपूर्वक अपनी बात रखने के लिए कहा गया है।


इंटरनेट कहां-कहां बंद
लखनऊ, मुरादाबाद, अमरोहा, संभल, गाजियाबाद, मेरठ, कानपुर, सीतापुर, शामली, बुलंदशहर, सहारनपुर, फिरोजाबाद और मथुरा समेत 21 जिलों में इंटरनेट बंद हैं। डीजीपी ने कहा- स्थिति के अनुसार इंटरनेट सेवाएं बहाल की जाएंगी।



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उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में फ्लैग मार्च करते पुलिस अधिकारी।
उत्तर प्रदेश के मथुरा में तैनात सुरक्षा बल।


source https://www.bhaskar.com/uttar-pradesh/lucknow/news/yogi-adityanath-government-on-jummah-namaz-in-uttar-pradesh-over-citizenship-amendment-act-caa-protest-126388266.html

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