पुलिस और उपद्रवियों के बीच आमने-सामने फायरिंग, दरोगा और सिपाही घायल; उपद्रवियों ने दो गाड़ियां, एक पुलिस चौकी फूंकी

कानपुर. शुक्रवार को हिंसा की आग में तपा कानपुर शनिवार दोपहर फिर हिंसा की आग में जल उठा। पुलिस और उपद्रवियों के बीच 6 घंटे से अधिक आमने-सामने की फायरिंग हुई। इसमें गोली लगने से एक सिपाही घायल हो गया। जबकि पत्थर लगने से एक एसआई घायल हुआ है। उपद्रवी आंसू गैस के गोले से बचने के लिए ड्रम भर-भर के पानी जमा किए हैं। गलियों से देर रात तक लगातार पत्थर फेंके गए।


लाइव: प्रदर्शनकारियों ने पुलिस चौकी फूंकी, 2 चारपहिया गाड़ी जलाईं
शनिवार। दोपहर 2 बजे। बाबूपुरवा थाने में डीएम और एसएसपी हिंसा में मारे गए युवक के परिजन से जानकारी ले रहे थे। यहां से करीब 20 किमी दूर यतीमखाना इलाके में दोपहर 3 बजे उपद्रवियों ने पुलिस चौकी को फूंक दिया। यह उपद्रवी परेड चौराहा से आगे स्थित पुलिस चौकी पर हिंसा के बाद इलाके में पुलिस कार्रवाई का विरोध करने पहुंचे थे। यहां पुलिस बल कम था। इस वजह से उन्हें रोकने में पुलिस विफल रही। भीड़ बढ़ती गई और उग्र होती गई। उपद्रवियों ने दो गाड़ियों में आग लगाई। आनन-फानन में आरएएफ और पुलिस बल आया, तब हालात नियंत्रण के प्रयास शुरू हुए।

संकरी गलियों में पत्थरबाजी और फायरिंग, देशी बम भी चलाए गए
परेड चौराहे से 700 मीटर दूर यतीमखाना इलाका है। यह वही इलाका है जो शुक्रवार को भी हिंसा की चपेट में था। यहां संकरी गलियों से पुलिस पर पत्थर फेंके जा रहे थे। नारेबाजी की गई। हालात यह थे कि पुलिस और उपद्रवियों के बीच रुक-रुक कर आमने-सामने से फायरिंग की गई। पुलिस पर देशी बम भी फेंके गए।

उपद्रवियों के पास आंसू गैस से निपटने के इंतजाम भी
मौके पर पुलिस वालों का कहना था कि उपद्रवियों ने आंसू गैस से निपटने का तरीका भी निकाल लिया है। इन लोगों ने ड्रम भर-भर के पानी रखा है। जिससे यह धुएं का असर कम कर रहा है। शुक्रवार को उपद्रवियों को सबसे ज्यादा आंसू गैस ने ही परेशान किया था।

देर रात तक चलती रहीमुठभेड़
पुलिस ने माइक से लगातार उपद्रवियों को शांत रहने और घरों में जाने की अपील की। लेकिन, अचानक से गलियों से पत्थरों की बौछार की गई। पुलिस भी बचाव में हवाई फायरिंग करती रही। दोपहर लगभग 3 बजे से रात 10 बजे तक यही हालात रहे। पुलिस के मुताबिक उपद्रवी शांत होने का नाम नहीं ले रहे। यह मुठभेड़ देर रात तक भी चल सकती है।

पुलिस की लापरवाही हुई, फिर घटना
स्थानीय वरिष्ठ पत्रकार प्रवीण मेहता के अनुसार पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की गलती की वजह से यह घटना फिर हुई है। प्रवीण सवाल करते हैं कि शुक्रवार को जब वहां हिंसा हुई तो पुलिस बल कम क्यों किया गया? शनिवार दोपहर बाद जब बवाल हुआ, तब वहां पुलिसबल कम था। इसलिए उपद्रवियों ने मौके का फायदा उठाया। प्रवीण कहते हैं कि बाबूपुरवा में घटना के बाद भी देर शाम तक डीएम और एसएसपी मौके पर नहीं पहुंचे।

दुकानें बन्द कर भागे लोग
शनिवार को उपद्रवियों द्वारा पुलिस चौकी जलाए जाने के बाद बेकनगंज चौकी के आसपास सभी दुकानें अचानक से बन्द होने लगीं। लोगों में अफरा-तफरी मच गई। अचानक से व्यस्त रहने वाले बाजार में सन्नाटा-सा छा गया। इसके बाद चारों तरफ पुलिसबल दिखाई देने लगा। यह इलाका पुलिस चौकी से 500 मीटर पहले है।

आम जनता घर जाने का रास्ता पूछती रही
हिंसा के बीच आम आदमी भी परेशान दिखा। कई लोगों को यतीमखाना इलाके में ही जाना था तो कई लोगों को यहां से होकर आगे घर जाना था। एक नागरिक अपने बच्चे के साथ बाइक से आगे बढ़ा तो पुलिस ने दौड़ा कर रोक लिया। एक परिवार को भी परेशानी उठानी पड़ी। हालांकि, थोड़ी देर बाद पुलिस ने उस इलाके को चारों तरफ से बन्द कर दिया।


इलाके की बिजली काटी गई
यतीमखाना इलाके में हिंसा को देखते हुए बिजली काट दी गई है। लगभग 1 किमी के दायरे की पावर कट है। लेकिन, गलियों से आने वाले पत्थर रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। पुलिस का कहना है कि यह सब पहले से ही पत्थर इकट्ठा करके रखे हैं।

एडीजी बोले- हिंसा सुनयोजित, धर्म के नाम पर फायदा उठाकर साजिश की गई
कानपुर के एडीजी प्रेम प्रकाश ने कहा- उपद्रवियों ने यतीमखाना चौकी में पेट्रोल बम डालकर आग लगाई थी। एक किलोमीटर के एरिया में पुलिस ने उपद्रवियों को रोके रखा। एक कंपनी आरएएफ भी लगाई गई। रुक-रुक कर फायरिंग और देशी बम चलाए गए। हिंसा को देख कर लगता है कि ये सुनियोजित है। क्योंकि कोई नेशनल मुद्दा है तो ज्ञापन दो- हम लेने के लिए तैयार हैं। हमने मौलानाओं से भी बात करवाने की कोशिश की। लेकिन, मौलाना की बात भी नहीं मानी जा रही है। प्रदेश में धारा 144 लागू है। लेकिन, धार्मिक कार्यक्रम में इसकी छूट देते हैं। इसका फायदा उठाया गया और जुमे की नमाज के बाद छोटे बच्चों को आगे करके पथराव किया गया। इसमें साजिश की बू आ रही है। हम इसका पर्दाफाश करेंगे।



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यतीमखाना पुलिस में उपद्रवियों ने घुसकर तोड़फोड़ की। यह चौकी कानपुर के सबसे पॉश इलाका परेड चौराहा से लगभग 500 मीटर दूर है।
उपद्रवियों ने चौकी के पास खड़ी कार को पूरी तरह डैमेज कर दिया।
यतीमखाना इलाके की संकरी गलियों से पुलिस पर पत्थर फेंके जा रहे हैं।
पुलिस और उपद्रवियों के बीच देर रात तक रुक रुक कर आमने-सामने से फायरिंग की जाती रही।
हिंसा की सूचना मिलने पर आनन-फानन में पुलिस बल आया। इसके बाद आरएएफ आई। तब इलाके में घुसकर उपद्रवियों से मोर्चा लिया गया।।


source /uttar-pradesh/kanpur/news/one-to-one-firing-between-the-police-and-the-miscreants-the-inspector-and-constables-injured-miscreants-burnt-two-vehicles-a-police-post-126346019.html

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