जानना जरुरी है
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अनिल अंबानी के देश ना छोड़ने पर एरिक्सन ने सुप्रीम कोर्ट में लगाई याचिका
भारत में बड़े उद्योगपतियों की कोई कमी नहीं है। अच्छे-बुरे कारणों की वजह से भारतीय बिजनेसमैनों का नाम सुर्खियों में आता रहता है। देश का बच्चा-बच्चा अंबानी परिवार को जानता है और इस परिवार से जुड़ी हर बात सुर्खियां और खबर बन जाती है।
इस अंबानी परिवार का नाम जिस वजह से सुर्खियों में आया है वो अच्छा नहीं है। दरअसल, स्वीडन की टेलिकॉम उपकरण निर्माता कंपनी एरिक्सन और अनिल अंबानी की कंपनी आरकॉम के बीच कानूनी जंग चल रही है और इस वजह से सुप्रीम कोर्ट ने अनिल अंबानी के देश छोड़कर जाने पर रोक लगा दी है।
क्या है मामला
एरिक्सन का यह आरोप है कि आरकॉम जानबूझकर उसकी पहले से अटकी 550 करोड़ रुपए की पेमेंट अदा नहीं कर रही है। इस वजह से उसने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर अनिल अंबानी और उनके दो वरिष्ठ अधिकारियों को बिना इजाजत के देश छोड़कर ना जाने की गुहार लगाई है।
2014 में हुई थी डील
साल 2014 में एरिक्सन ने आरकॉम के साथ अखिल भारतीय टेलिकॉम नेटवर्क को ऑपरेट और मैनेज करने के लिए 7 साल की डील की थी। अब एरिक्सन का आरकॉम पर 1000 करोड़ से भी ज्यादा का बकाया हो चुका है। खबरों की मानें तो इस समय आरकॉम 46 हजार करोड़ के कर्जे में डूबी हुई है।
तोड़ दिया वादा
इससे पहले अनिल अंबानी की कंपनी आरकॉम ने 30 सितंबर तक पैसा चुकाने का वादा किया था लेकिन वो उसे पूरा नहीं कर पाई। इस पर एरिक्सन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि आरकॉम कंपनी देश के कानून का बिलकुल भी आदर नहीं करती है और उसने कोर्ट के आदेश का पालन नहीं किया। इस याचिका में आगे लिखा गया – कृपया कोर्ट के ऑर्डर के बिना इनके देश के बाहर जाने पर रोक लगा दी जाए। न्याय के साथ मामले का अंत करने के लिए यह भी जरूरी है।
एरिक्सन कंपनी का बकाया चुकाने के लिए आरकॉम ने 60 दिन का समय मांगा था। उसे 550 करोड़ रुपए की रकम अदा करनी है। उन्होंने स्पेक्ट्रम बिक्री पूरी नहीं होने की वजह से यह समय मांगा है।
एरिक्सन ने जो हाल ही में अंबानी के देश छोड़ने पर रोक लगाने के लिए याचिका दायर की है उससे तो यही लगता है कि एरिक्सन कंपनी को डर है कि कहीं अनिल अंबानी भारत के बड़े उद्योगपति विजय माल्या की तरह देश छोड़कर ना भाग जाएं और फिर उन्हें भी अपनी रकम वसूलने के लिए खाक छाननी पड़े।
इस मुश्किल घडी में अनिल अंबानी को अपने भाई मुकेश अंबानी का साथ मिला है। दोनो के बीच हुई डील में अनिल स्पेक्ट्रम, टॉवर, फाइबर आदि बेचेंगें जिससे उन्हें 25 हजार करोड़ रुपए मिल सकें। हालांकि, अभी डील में कुछ दिक्कतें आ रही हैं जिनसे निपटने के बारे में सोचा जा रहा है।
ऐसे में मुकेश अंबानी का साथ अनिल अंबानी को डूबने से बचा सकता है। इस समय टॉप बिजनेसमैन में मुकेश अंबानी आते हैं और उनके सहारे उनके भाई का डूबता बिजनेस बच सकता है। अब देखते हैं कि इस मामले में कोर्ट का क्या रुख होगा।
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