गुटखा घोटाले में आया जय‍ललिता की करीबी शशिकला का नाम


भारत को अगर घोटालों का देश कहा जाए तो कोई गलत बात नहीं होगी। भारत में रहने वाला हर इंसान जानता है कि भारत के नेता लोग कितने घोटाले करते हैं और हमारे देश को कितना  लूटते हैं। ये नेतागण शायद सत्ता में आते ही देश को लूटने के लिए हैं।
आज हम आपको देश के ऐसे ही घोटाले के बाकारे में बताने जा रहे हैं जिसने एक बार फिर से राजनेताओं की पोल खोलकर रख दी।
गुटखा घोटाला
हम जिस घोटाले की बात कर रहे हैं वो है गुटखा घोटाला और इस मामले में तमिलनाडु में बुधवार को सीबीआई ने बड़े पैमाने पर छापेमारी की है। सीबीआई ने राज्‍य के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री और डीजीपी के घर पर भी तलाशी की। खबरों की मानें तो अब तक तकरीबन 40 ठिकानों पर सीबीआई की टीम रिसर्च ऑपरेशन कर रही है।
सर्च ऑपरेशन
इस घोटाले के सिलसिले में मंगलवार को चेन्‍नै में सीबीआई ने एक बड़ा सर्च ऑपरेशन शुरु किया है। राज्‍य के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री सी विजय भास्‍कर और डीजीपी टीके राजेंद्रन के आवास पर जांच एजेंसी ने छापे मारे हैं। सीबीआई ने तो इस घोटाले में पूर्व डीजीपी एस जॉर्ज और अन्‍य पुलिस अधिकारियों को भी नहीं छोड़ा है। चेन्‍नै में अब तक कुल 40 ठिकानों पर छापेमारी हो चुकी है। छापेमारी में क्‍या मिला, इसका खुलासा अब तक नहीं हो पाया है।
घोटाले का कब हुआ खुलासा
आपको बता दें कि गुटखा मामला 8 जुलाई, 2017 को सामने आया था जब आयकर विभाग ने लगभग 250 करोड़ की टैक्‍स चोरी के आरोप में एक गुटखा निर्माता कपंनी के गोदाम, दफ्तर और घर पर छापेमारी की थी। सूत्रों की मानें तो राज्‍य सरकार ने साल 2013 में गुटखा और पान मसाला समेत खाद्य तंबाकू पदार्थों के उत्‍पादन, स्‍टोरेज और बिक्री पर रोक लगा दी थी। इस घोटाले से संबंधित छापेमारी के दौरान सीबीआई को एक डायरी मिली थी और इस डायरी में उन लोगों के नाम थे जिन्‍हें कथित तौर पर पैसे दिए गए थे। इनमें से एक नाम राज्‍य के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री का भी था।
खत से भी हुई छेड़छाड़
इस घोटाले के सामने आते ही डीएमके ने कोर्ट में एक विशेष जांच टीम के गठन की मांग की। इस राजनीतिक पार्टी ने ये मांग रखी कि हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज और सीबीआई अधिकारी भी इस टीम में शामिल हों। सुनवाई के दौरान इस बात का खुलासा हुआ कि आयकर विभाग की ओर से पूर्व मुख्‍यमंत्री जयललिता को एक खत लिखा गया था जोकि एआईएडीएमके नेता वीके शशिकला के कमरे से बरामद हुआ। जांच के दौरान ही विभाग की ओर से ये खत जयललिता को भेजा गया था लेकिन वो शशिकला के कमरे से बरामद हुआ।
ये सभी बातें इस बात को उजागर करती हैं कि इस गुटखा घोटाले में बड़े-बड़े राजनीतिक नाम शामिल हैं और इस वजह से इस मामले को दबाने के लिए भी भरपूर प्रयास किए जा रहे हैं। अभी तक इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट की तरफ से कोई फैसला नहीं आया है और इसकी जांच ही चल रही है लेकिन फैसला चाहे जो भी हो जनता को इस बात से पहले ही वाकिफ है कि राजनेता लोग इस घोटाले में जरूर शामिल हैं।  
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