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क्या 21वीं सदी का सबसे बड़ा आंदोलन है मीटू
आजकल सोशल मीडिया पर मीटू कैंपेन बहुत चर्चा में है। इन दिनों इस कैंपेन की वजह से पूरे देश में अशांति का माहौल बना हुआ। इस कैंपेन के ज़रिए महिलाएं अपने साथ हुए उत्पीड़न का किस्सा दुनिया से साझा कर रही हैं। आपने भी न्यूज़, अखबारों, सोशल मीडिया वगैरह पर मीटू कैंपेन के बारे में सुना होगा।
मी टू का मतलब है – मैं भी या मेरे साथ भी। इस साल की 25 सितंबर तारीख को इस कैंपेन ने भारत में प्रवेश किया और अब तो ये तूफान की तरह फैल रहा है। सोशल मीडिया पर इस कैंपेन के ज़रिए भारतीय महिलाएं अपनी कहानियां बयां कर रही हैं।
आइए जानते हैं कि ये मीटू क्या है और इसे 21वीं सदी का सबसे बड़ा आंदोलन क्यों कहा जा रहा है और महिलाओं को इसका क्या फायदा होगा।
क्या है मीटू कैंपेन
महिलाओं पर होने वाले यौन उत्पीड़न, शोषण और रेप के खिलाफ आवाज़ उठाने का एक कैंपेन है जिसमें महिलाएं #metoo के साथ अपनी कहानियां बता रही हैं। इसके ज़रिए वो बता रही हैं कि उनके साथ कब, क्यों और कैसे यौन हिंसा हुई और वो तब क्यों इसके खिलाफ आवाज़ नहीं उठा पाईं। इस कैंपेन के साथ महिलाएं ताजा मामलों से लेकर दशकों पुराने मामले सामने ला रही हैं कि किस तरह प्रभाव या शारीरिक ताकत से मजबूर करके यौन उत्पीड़न का शिकार बनाया गया।
कब हुई इस कैंपेन की शुरुआत
असल में इस आंदोलन की शुरुआत साल 2006 में हुई थी लेकिन खबरों में ये साल 2017 में आया। 16 अक्टूबर, 2017 की दोपहर अमेरिकी एक्ट्रेस एलिसा मिलानो ने यौन हमले और उत्पीड़न की ओर ध्यान ले जाने के लिए एक ट्वीट किया जिसमें उन्होंने #metoo का इस्तेमाल किया। एलिसा के इस ट्वीट से एक दिन में ही दो लाख से ज्यादा लोगों ने ट्वीट किया और 17 अक्टूबर तक इससे 5 लाख से भी ज्यादा लोग जोड़ चुके थे।
फेसबुक पर पहले 24 घंटे में 47 लाख से ज्यादा लोगों ने अपनी 1 करोड़ 20 लाख पोस्ट्स में #me too का इस्तेमाल किया। इनमें से 45 प्रतिशत अमेरिकी थे। आपको जानकर हैरानी होगी कि इस कैंपेन में हॉलीवुड की दिग्गज एक्ट्रेसेस ने भी हिस्सा लिया और बस सिलेब्रिटीज़ के शामिल होते ही ये कैंपेन बड़ा रूप लेता गया।
भारत में मीटू
साल 2017 में अक्टूबर के महीने में अमेरिका से चला मीटू आंदोलन भारत पहुंचा। भारत की महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर इसमें हिस्सा लिया। भारत की ना केवल आम महिलाओं बल्कि बॉलीवुड अभिनेत्रियों ने भी अपने साथ हुए यौन उत्पीड़न के किस्से साझा किए। अब जब हाई प्रोफाइल लोग इसमें कूदेंगें तो कैंपेन का वायरल होना तो लाजिमी है।
अभी भी सोशल मीडिया पर ये मीटू कैंपेन बड़ी तेजी से चल रहा है और महिलाएं लगातार इसमें हिस्सा ले रही हैं और अब तो इसमें राजनीति के बड़े-बड़े नेताओं पर भी आरोप लग चुके हैं।

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