मीटू कैंपेन का गलत फायदा उठा रही हैं महिलाएं

इन दिनों सोशल मीडिया पर मी टू कैंपेन ने खलबली मचाई हुई है। जब तक इसमें आम लोग शामिल थे तब तो बात ठीक थी लेकिन जब इसमें बॉलीवुड अभिनेत्रियों और अन्‍य महिलाओं ने दिग्‍गज लोगों पर यौन उत्‍पीड़न का आरोप लगाना शुरु किया तो इसने पूर देश में तूफान खड़ा कर दिया।

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि हर चीज़ के दो पहलू होते हैं एक अच्‍छा और दूसरा बुरा। इस मी टू कैंपेन के भी दो पहलू हैं जैसे कि इससे समाज के कुछ वर्ग को अपनी बात खुलकर कहने का मौका मिला तो वहीं दूसरी ओर कुछ महिलाओं ने इसका गलत फायदा उठाकर अपनी निजी दुश्‍मनी निकालने के चक्‍कर में पुरुषों के चरित्र पर लांछन लगाने में देरी नहीं की।

हाल ही में इस कैंपेन से जुड़ा एक ऐसा मामला सामने आया जिसने ये साबित कर दिया कि महिलाएं कभी-कभी अपने अधिकारों का गलत इस्‍तेमाल करने से भी नहीं चूकती हैं।

दरअसल, ये मामला दिल्‍ली की एक बड़ी आईटी कंपनी में काम करने वाली दीपा से जुड़ा है। दीपा एक हाई प्रोफाइल इंप्‍लॉयी है जो महीने में लाखों कमाती है। समाज को हमेशा ऐसे लोगों से उम्‍मीद रहती है कि उनके विचार ऊंचे और सभ्‍य होंगें लेकिन असल में ऐसा होना जरूरी नहीं है। दीपा के साथ भी ऐसा ही था।

दीपा का अपने ही ऑफिस के राहुल के साथ अफेयर चल रहा था लेकिन कुछ सालों बाद किसी वजह से राहुल ने दीपा से ब्रेकअप कर लिया और उसका रिश्‍ता परिवार वालों की रजामंदी से कहीं और हो गया। दीपा को ये सब नागवार गुज़रा और उसने इसका बदला लेने की ठानी।

इसी दौरान दीपा को अपनी एक सहेली से #metoo कैंपेन के बारे में पता चला और उसने इसी को अपना बदला लेने का ज़रिया बना लिया। राहुल को बदनाम करने के लिए दीपा ने मीटू कैंपेन से जुड़कर अपने साथ हुए फेक यौन उत्‍पीड़न का खुलासा किया। ना सिर्फ सोशल मीडिया पर लोगों ने राहुल को जमकर लताड़ लगाई बल्कि उसके ऑफिस तक भी ये बात पहुंच गई और बॉस ने उसे टर्मिनेशन लैटर तक थमा दिया। ये आग उसके घर तक भी पहुंच गई और उसके घरवालों को इस खबर से बहुत बदनामी सहनी पड़ी।

सोशल मीडिया पर दीपा के इस बयान से पहले तो राहुल डिप्रेशन में चला गया लेकिन बाद में उसने दीपा से ठंडे दिमाग से बात की लेकिन जब दीपा इस आरोप को वापिस लेने से पीछे नहीं हटी तो राहुल ने उसे पुलिस केस की धमकी दे डाली।

अपना नाम पुलिस में उछलते देख दीपा डर गई और उसने ये कबूल कर लिया उसने राहुल पर झूठा आरोप लगाया था।

अब इससे ज्‍यादा समाज को और क्‍या सबूत चाहिए कि महिलाओं को इतना भी सशक्‍त ना किया जाए कि पुरुष बेबस और लाचार हो जाएं।

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