माल्या का कर्ज लौटाने का इरादा नहीं था, लोन लेकर विदेश भेजा था पैसा
नई दिल्ली. भगोड़े विजय माल्या का बैंकों के कंसोर्टियम से 5,500 करोड़ रुपए के कर्ज को लौटाने का कोई इरादा नहीं था। वह शुरू से ही कर्ज का पैसा विदेश भेजने में लगा था। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से किंगफिशर की जांच में यह जानकारी सामने आई है।
जांच रिपोर्ट के मुताबिक बैंकों ने कर्ज की रिस्ट्रक्चरिंग की, फिर भी माल्या ने मुनाफे में चल रही यूनाइटेड ब्रेवरीज और समूह की अन्य कंपनियों की पूंजी को एयरलाइन में नहीं लगाया। इसके बजाए यूनाइटेड ब्रेवरीज से किंगफिशर को 3,516 करोड़ का अनसिक्योर्ड कर्ज दिया गया।
इस वजह से किंगफिशर की वैल्यू और घट गई। ईडी के मुताबिक किंगफिशर को एसबीआई, पीएनबी और एक्सिस बैंक ने 3,200 करोड़ रुपए का कर्ज दिया था। माल्या ने इसका बड़ा हिस्सा विमानों के लीज रेंट और रखरखाव के नाम पर विदेश भेज दिया। विमानों का लीज रेंट काफी बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया गया।
ईडी की जांच के मुताबिक 2010 में कर्ज की रिस्ट्रक्चरिंग के बाद बैंकों ने बकाया मूलधन 6,000 करोड़ रुपए से घटाकर 5,575.72 करोड़ रुपए कर दिया था। दिसंबर 2010 में बैंकों ने बंधक शेयरों का एक हिस्सा बेचकर कुछ रकम जुटा ली थी। इसके बाद बकाया मूलधन को और घटाकर 4,930.34 करोड़ रुपए कर दिया था।
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