सीबीआई कोलकाता पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार से आज शिलांग में करेगी पूछताछ
शिलांग. शारदा चिटफंड घोटाले में सीबीआई शनिवार को कोलकाता पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार से सबूतों को नष्ट करने में उनकी कथित भूमिका को लेकर यहां पूछताछ करेगी। जांच एजेंसी के एक अफसर ने बताया कि राजीव कुमार पश्चिम बंगाल कैडर के तीन अन्य आईपीएस अधिकारियों और अपने छोटे भाई के साथ शुक्रवार शाम ही कोलकाता से मेघालय की राजधानी शिलांग पहुंच गए हैं।
प्राइवेट गेस्ट हाउस में रुके हैं राजीव
अफसर के मुताबिक, 'चिटफंड मामले में राजीव कुमार से शिलांग स्थित सीबीआई ब्रांच के ऑफिस में पूछताछ की जाएगी। राजीव कुमार एक निजी गेस्ट हाउस में ठहरे हुए हैं। उन्हें किसी से मिलने की इजाजत नहीं है। शिलांग में ठहरने के दौरान मेघालय पुलिस ने राजीव कुमार की सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए हैं।' सीबीआई डायरेक्टर ऋषि कुमार शुक्ला ने 6 फरवरी के आदेश में एक पुलिस अधीक्षक (एसपी), तीन एडिशनल एसपी, दो डिप्टी एसपी और तीन इंस्पेक्टर समेत 10 अफसरों को एजेंसी की आठ से 20 फरवरी तक कोलकाता आर्थिक अपराध शाखा से संबद्ध कर दिया था। आदेश में सभी 10 अधिकारियों को कोलकाता में सीबीआई के ज्वाइंट डायरेक्टर को रिपोर्ट करने को कहा गया था।
रविवार को पूछताछ नहीं कर पाई थी सीबीआई
दरअसल, रविवार को शारदा घोटाले में पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार की भूमिका की जांच के लिए सीबीआई की टीम उनके घर पहुंची थी, लेकिन टीम को अंदर नहीं जाने दिया गया। सीबीआई अफसरों को पुलिस जबरन थाने भी ले गई। इस दौरान ममता ने सीबीआई की कार्रवाई के विरोध में धरना शुरू कर दिया था। इस मामले में सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने राजीव कुमार को सीबीआई के सामने पेश होने और ईमानदारी से जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया था। हालांकि, कोर्ट ने साफ कर दिया था कि कुमार को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा।
घोटाले की जांच के लिए बनी एसआईटी के प्रमुख थे कुमार
शारदा घोटाले की जांच के लिए 2013 में एसआईटी बनाई गई थी। इसका नेतृत्व 1989 बैच के आईपीएस राजीव कुमार कर रहे थे। 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की जांच का जिम्मा सीबीआई को दिया था। इसके बाद राजीव कुमार को जनवरी 2016 में कोलकाता पुलिस का मुखिया बनाया गया था।
2460 करोड़ का शारदा चिटफंड घोटाला
शारदा ग्रुप से जुड़े पश्चिम बंगाल के कथित चिटफंड घोटाले के 2,460 करोड़ रुपए तक का होने का अनुमान है। पश्चिम बंगाल पुलिस और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ है कि 80 फीसदी जमाकर्ताओं के पैसे का भुगतान किया जाना बाकी है। जांच रिपोर्ट के मुताबिक, शारदा ग्रुप की चार कंपनियों का इस्तेमाल तीन स्कीमों के जरिए पैसा इधर-उधर करने में किया गया। ये तीन स्कीम थीं- फिक्स्ड डिपॉजिट, रिकरिंग डिपॉजिट और मंथली इनकम डिपॉजिट।
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